यूएई (यूनाइटेड अरब अमीरात) के बैंकों में गोल्डन वीज़ा की मांग बढ़ती जा रही है, खासकर अमीर लोग, जैसे कि यूके, यूरोप और भारत जैसे देशों से लोग, दुबई में बसने के लिए इसे लेना चाह रहे हैं। गोल्डन वीज़ा एक ऐसा वीज़ा है जो आपको 10 साल तक यूएई में रहने की इजाजत देता है।

गोल्डन वीज़ा कैसे मिलता है? 🏦

गोल्डन वीज़ा पाने के लिए आपको यूएई के किसी बैंक में कम से कम 20 लाख दिरहम (Dh2 million) यानी करीब 4.5 करोड़ रुपये, दो साल तक के लिए जमा करने पड़ते हैं। जब आप ये पैसे जमा कर देते हैं, तो बैंक आपको एक प्रमाण पत्र देता है, जिससे आप गोल्डन वीज़ा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

RAKBank के एक अधिकारी शेहज़ाद हमीद ने बताया कि इस वीज़ा को लेने में खासकर यूके, यूरोप और भारत से लोग बहुत रुचि दिखा रहे हैं। लोग बैंक में पैसे जमा करके या मकान खरीदकर इस वीज़ा को हासिल कर रहे हैं।

UAE Bank Balance Limit For Getting Golden 10 Years Visa Requirement is Now Updated. Application Surged.

 

कौन-कौन से बैंक गोल्डन वीज़ा के लिए मदद करते हैं? 📈

कई यूएई के बैंक इस गोल्डन वीज़ा के लिए खास योजनाएँ लेकर आए हैं। इन बैंकों में शामिल हैं:

  • अबू धाबी कमर्शियल बैंक (ADCB)
  • अजमान बैंक
  • अल मरयाह कम्युनिटी बैंक
  • फर्स्ट अबू धाबी बैंक (FAB)
  • RAKBank

 

ये बैंक आपको गोल्डन वीज़ा पाने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, RAKBank आपको पैसे जमा करने, मकान खरीदने और वीज़ा के लिए जरूरी कागजात तैयार करने में मदद करता है।

यूएई के बैंकों पर इसका क्या असर हुआ है? 🚀

गोल्डन वीज़ा की मांग बढ़ने से यूएई के बैंकों में भी बहुत पैसा आया है। यूएई के केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों में जमा की गई राशि में 15.2% की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि लोग बहुत सारे पैसे जमा कर रहे हैं, जिससे बैंकिंग सेक्टर को भी फायदा हो रहा है।