यूएई में काम करने वाले पेशेवरों और निवेशकों के बीच गोल्डन वीज़ा की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए यूएई सरकार ने वीज़ा प्रक्रिया और नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं। अब गोल्डन वीज़ा धारकों को नागरिकों जैसी सुविधाएं मिलेंगी जिसमें 30 मिनट के अंदर ई-ट्रैवल डॉक्यूमेंट शामिल है। इसके अलावा ट्रैफिक फाइन को भी वीज़ा रिन्यूअल से सीधे तौर पर जोड़ दिया गया है।

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क्या हैं गोल्डन वीज़ा के नए फायदे और नियम

यूएई के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने गोल्डन वीज़ा वालों के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू की है। अगर किसी वीज़ा धारक का विदेश में पासपोर्ट खो जाता है तो उसे सिर्फ 30 मिनट में इलेक्ट्रॉनिक आपातकालीन यात्रा दस्तावेज मिल जाएगा। यह सुविधा उन्हें स्थानीय नागरिकों जैसी सुरक्षा देती है।

दुबई के GDRFA ने वीज़ा प्रक्रिया को तेज करने के लिए Salama AI सिस्टम लॉन्च किया है। इससे वीज़ा अप्रूवल और कैंसिलेशन का काम बिना किसी परेशानी के कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा अब इमिग्रेशन सिस्टम को पुलिस के डेटाबेस से भी जोड़ दिया गया है। मार्च 2026 से लागू नए नियम के अनुसार अगर स्पॉन्सर पर ट्रैफिक फाइन बकाया है तो उनका या उनके परिवार का वीज़ा रिन्यू नहीं होगा।

प्रॉपर्टी और नौकरी पेशा वालों के लिए शर्तें

गोल्डन वीज़ा के लिए मुख्य रूप से प्रॉपर्टी और नौकरी के आधार पर आवेदन किया जा सकता है। सरकार ने इन दोनों श्रेणियों के लिए नियम स्पष्ट कर दिए हैं।

  • प्रॉपर्टी निवेश: प्रॉपर्टी की कुल कीमत कम से कम 2 मिलियन दिरहम (AED) होनी चाहिए। पहले 1 मिलियन दिरहम एडवांस देने का नियम था जिसे अब सरकार ने खत्म कर दिया है। इसके साथ ही वित्तीय स्थिति साबित करने के लिए 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट देना अनिवार्य है।
  • स्किल्ड प्रोफेशनल्स: नौकरी करने वालों की बेसिक सैलरी कम से कम 30,000 दिरहम महीना होनी चाहिए। साथ ही उनके पास अटेस्टेड बैचलर डिग्री होनी चाहिए और MOHRE के लेवल 1 या 2 में आना जरूरी है।
  • ह्यूमैनिटेरियन: जो लोग स्वीकृत धर्मार्थ कार्यों (Awqaf) में 2 मिलियन दिरहम दान करते हैं उन्हें भी सरकार 10 साल का वीज़ा दे रही है।

वीज़ा का खर्च और ICP की चेतावनी

गोल्डन वीज़ा बनवाने का कुल खर्च लगभग 4,600 से 10,000 दिरहम के बीच आता है। इसमें वीज़ा एप्लीकेशन की फीस 2,800 से 4,500 दिरहम होती है। इसके अलावा 10 साल की एमिरेट्स आईडी के लिए 1,070 से 1,200 दिरहम और मेडिकल टेस्ट के लिए 400 से 1,000 दिरहम तक लगते हैं। प्रॉपर्टी के मामले में DLD की 4% फीस अलग से चुकानी होती है।

ICP अधिकारियों ने साफ किया है कि कुछ लोग लाइफटाइम वीज़ा के नाम पर धोखा दे रहे हैं। असल में लाइफटाइम वीज़ा जैसी कोई चीज नहीं होती है। सभी वैध गोल्डन वीज़ा 10 साल के लिए ही जारी किए जाते हैं और इन्हें सरकारी माध्यम से ही दोबारा रिन्यू कराना पड़ता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.