यूएई में रहने वाले लोग आजकल एक नए तरह के साइबर स्कैम का सामना कर रहे हैं. जालसाज अब Google Meet जैसे वीडियो कॉलिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को ठग रहे हैं. अगर आप भी यूएई में रह रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है क्योंकि आपकी एक छोटी सी चूक बैंक अकाउंट खाली कर सकती है.
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कैसे काम करता है यह स्कैम
धोखेबाज लोग Google Meet और अन्य वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं. वे खुद को ICP (फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटिजनशिप, कस्टम्स एंड पोर्ट सिक्योरिटी) या दुबई पुलिस का अधिकारी बताते हैं. लोगों को झांसे में लेने के लिए वे AI से बनाए गए वीडियो का इस्तेमाल करते हैं जिनमें अधिकारी वर्दी में नजर आते हैं और आधिकारिक लोगो का उपयोग किया जाता है.
- यह स्कैम अक्सर एक अनजान कॉल या मैसेज से शुरू होता है.
- जालसाज अमीरात आईडी, पासपोर्ट में समस्या या बकाया जुर्माने का डर दिखाते हैं.
- वे पीड़ित पर बैंकिंग डिटेल, ओटीपी (OTP) या UAE Pass लॉगिन मंजूरी देने के लिए दबाव डालते हैं.
- बात न मानने पर वे आईडी रद्द करने, जुर्माना लगाने या पुलिस केस करने की धमकी देते हैं.
- पीड़ितों को ऐसी नकली वेबसाइटों पर भेजा जाता है जो बिल्कुल सरकारी साइट जैसी दिखती हैं.
सरकारी विभागों की चेतावनी
यूएई के विभिन्न सरकारी विभागों ने इस संबंध में सख्त चेतावनी जारी की है. ICP ने साफ किया है कि उनकी सेवाएं केवल आधिकारिक स्मार्ट सर्विसेज प्लेटफॉर्म और UAEICP स्मार्ट ऐप के जरिए ही मिलती हैं. दुबई पुलिस ने बताया कि वे कभी भी Google Meet या Botim जैसे अनौपचारिक ऐप्स के जरिए कॉल नहीं करते हैं. अबू धाबी पुलिस ने भी अपने प्रोएक्टिव सिक्योरिटी अभियान के तहत लोगों को नकली लिंक और फर्जी वीज़ा ऑफर से बचने की सलाह दी है.
सावधान रहने के जरूरी तरीके
आम लोगों और प्रवासियों को इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि वे धोखाधड़ी का शिकार न हों.
- याद रखें कि यूएई के सरकारी विभाग कभी भी Gmail एड्रेस का इस्तेमाल नहीं करते हैं.
- UAE Pass के लॉगिन अनुरोध को तब तक स्वीकार न करें जब तक आपने खुद उसे शुरू न किया हो.
- कॉल पर कभी भी अपना ओटीपी, अमीरात आईडी या बैंक विवरण साझा न करें.
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत eCrime प्लेटफॉर्म या स्थानीय पुलिस स्टेशन में करें.
नियम और कानूनी सजा
साइबर अपराध के खिलाफ यूएई में कड़े कानून हैं. फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 34 ऑफ 2021 के तहत ऐसे अपराधियों के लिए भारी जुर्माने और जेल का प्रावधान है.
| अपराध का प्रकार | संभावित जुर्माना | सजा |
|---|---|---|
| सामान्य साइबर धोखाधड़ी | 1,00,000 से 3,00,000 दिरहम | एक साल तक की जेल |
| सिस्टम को नुकसान पहुँचाना | 5,00,000 दिरहम तक | एक साल तक की जेल |
