UAE ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बहुत बड़ी छलांग लगाई है। साल 2026 तक देश अपनी सरकारी सेवाओं और कामकाज के तरीके को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। अब सरकारी दफ्तरों में AI सिर्फ एक मददगार टूल नहीं बल्कि एक पार्टनर की तरह काम करेगा जिससे आम लोगों के काम आसान होंगे।

सरकारी कामकाज में AI का इस्तेमाल कैसे होगा?

UAE सरकार ने 23 अप्रैल 2026 को एक नया फ्रेमवर्क पेश किया है। इसके तहत सरकारी कामकाज में Agentic AI मॉडल को लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो साल के अंदर 50% सरकारी सेक्टर, सेवाओं और प्रक्रियाओं को AI की काबिलियत के हिसाब से दोबारा डिजाइन किया जाए। इसी काम की निगरानी के लिए Ministerial Development Council का नाम बदलकर Ministerial Council for Artificial Intelligence and Development कर दिया गया है।

दुबई और नौकरी पेशा लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

दुबई ने 4 मई 2026 को एक दो साल का एक्शन प्लान पेश किया है ताकि प्राइवेट सेक्टर में एडवांस AI को जोड़ा जा सके। वहीं, Ministry of Human Resources and Emiratisation (MOHRE) ने 1 मई 2026 को एक ‘agentic AI and robotics’ प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इस प्लेटफॉर्म से वर्क-परमिट की स्क्रीनिंग अब ऑटोमैटिक होगी जिससे प्रवासियों और कंपनियों के लिए प्रोसेसिंग का समय काफी कम हो जाएगा।

दुनिया में UAE का स्थान और नए नियम क्या हैं?

Microsoft की AI Diffusion Report के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में AI अपनाने के मामले में UAE दुनिया में पहले नंबर पर रहा है। यहाँ कामकाजी आबादी का 70.1 प्रतिशत हिस्सा AI का इस्तेमाल कर रहा है। नियमों की बात करें तो 1 जनवरी 2026 से DIFC का ‘Regulation 10’ लागू हो गया है, जो ऑटोनॉमस सिस्टम के लिए बनाया गया है। यह इस क्षेत्र का पहला AI स्पेसिफिक नियम है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE सरकार के AI फ्रेमवर्क का मुख्य लक्ष्य क्या है

इसका मुख्य लक्ष्य अगले दो साल में 50% सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं को Agentic AI के जरिए बदलना है ताकि फैसले तेजी से लिए जा सकें।

वर्क-परमिट प्रक्रिया में AI से क्या फायदा होगा

MOHRE द्वारा शुरू किए गए नए AI और रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म से वर्क-परमिट की स्क्रीनिंग ऑटोमैटिक होगी, जिससे प्रोसेसिंग का समय बहुत कम हो जाएगा।