यूएई सरकार अब अपने कामकाज के तरीके को पूरी तरह बदलने जा रही है। रक्षा मंत्रालय से लेकर सरकारी दफ्तरों तक, अब हर जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल होगा। उपराष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इसके लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है ताकि सरकारी सेवाएं पहले से ज्यादा तेज और स्मार्ट हो सकें।

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UAE रक्षा मंत्रालय में AI का इस्तेमाल कैसे होगा?

यूएई रक्षा मंत्रालय अपने सिस्टम को आधुनिक बनाने और तैयारियों को मजबूत करने के लिए डिजिटल तकनीक और AI से जुड़े नए प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है। इस पूरे काम की देखरेख डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, टेक्नोलॉजी और AI विभाग करेगा। मंत्रालय के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य मकसद रक्षा क्षेत्र में नई डिजिटल तकनीक को तेजी से अपनाना है। AI का उपयोग मुख्य रूप से इन कामों के लिए किया जाएगा:

  • बेहतर योजना बनाने के लिए।
  • डेटा को गहराई से समझने के लिए।
  • संसाधनों का सही और सटीक उपयोग करने के लिए।

इससे मंत्रालय का कामकाज आसान होगा और सरकारी सेवाएं ज्यादा तेज हो जाएंगी।

2028 तक क्या बदलने वाला है सरकारी सिस्टम?

उपराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने घोषणा की है कि 2028 तक यूएई अपनी 50% सरकारी सेवाओं और संचालन को स्वायत्त (Autonomous) AI सिस्टम पर ट्रांसफर कर देगा। यूएई दुनिया का पहला ऐसा देश बन जाएगा जो इतने बड़े पैमाने पर इस सिस्टम को लागू करेगा। सरकार अब ‘एजेंटिक एआई’ मॉडल अपनाएगी, जो बिना मानवीय हस्तक्षेप के काम कर सकता है, फैसले ले सकता है और खुद को बेहतर बना सकता है। अबू धाबी ने 2027 तक पूरी तरह AI-आधारित सरकार बनने का लक्ष्य रखा है।

कर्मचारियों की ट्रेनिंग और अधिकारियों का मूल्यांकन कैसे होगा?

इस बड़े बदलाव को लागू करने के लिए सरकार ने सख्त नियम बनाए हैं। अब सभी संघीय सरकारी कर्मचारियों को AI में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा, मंत्रियों और महानिदेशकों की परफॉर्मेंस का मूल्यांकन भी इस बात पर किया जाएगा कि उन्होंने अपने विभाग में AI सिस्टम को कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया है। शेख मंसूर बिन जायेद अल नाहयान इस पूरे निष्पादन की देखरेख करेंगे, जबकि कैबिनेट मामलों के मंत्री मोहम्मद अल गर्गावी की अध्यक्षता में एक खास कार्यबल इस पर काम करेगा।