UAE सरकार अब पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तरफ बढ़ रही है। शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने सरकारी सेवाओं को आसान और तेज बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब आने वाले 2 सालों में करीब 50% सरकारी काम AI एजेंट संभालेंगे जिससे आम लोगों और प्रवासियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

AI सेवाओं से कैसे बदलेंगे सरकारी काम?

Abu Dhabi सरकार ने 2025-2027 के लिए अपनी डिजिटल स्ट्रेटजी तैयार की है। इसका लक्ष्य 2027 तक 100% सरकारी सेवाओं को AI के जरिए चलाने का है। इस काम के लिए 13 अरब दिरहम का बजट रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे सेवाओं के मिलने के समय में 70% की कमी आएगी और काम करने के खर्च में भी 60% की बचत होगी।

आम जनता और कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

दुबई अब अपनी सभी पब्लिक सेवाओं को एक डिजिटल सिस्टम में जोड़ रहा है ताकि लोग पुराने फॉर्म भरने के बजाय सीधे AI एजेंट से बात करके अपना काम करा सकें। इसके अलावा कुछ बड़े बदलाव ये होंगे:

  • कैबिनेट में AI: जनवरी 2026 से AI सिस्टम UAE कैबिनेट और सरकारी बोर्ड्स में सलाहकार की भूमिका निभाएगा।
  • HR में बदलाव: FAHR ने AI एजेंट लॉन्च किया है जो 50,000 कर्मचारियों की मदद कर रहा है और 80% HR काम ऑटोमैटिक कर रहा है।
  • परफॉरमेंस सिस्टम: एक नया AI सिस्टम लागू किया गया है जो हर महीने 15 करोड़ डेटा पॉइंट्स को प्रोसेस करेगा जिससे सरकारी कामकाज बेहतर होगा।

कर्मचारियों को कैसे तैयार किया जा रहा है?

सिर्फ सिस्टम ही नहीं बल्कि लोगों को भी बदला जा रहा है। डिजिटल दुबई ने AI वर्कफोर्स ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत दुबई के 50,000 सरकारी कर्मचारियों को AI चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मकसद कर्मचारियों को इस लायक बनाना है कि वे सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल न करें बल्कि नई डिजिटल सेवाओं को बनाने में मदद भी करें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.