UAE सरकार ने देश के उद्योगों को मज़बूत करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। शेख मोहम्मद बिन राशिद ने 1 अरब दिरहम (लगभग 272 मिलियन डॉलर) के ‘नेशनल इंडस्ट्रियल रेजिलिएंस फंड’ का ऐलान किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यूएई को सामान के लिए बाहरी देशों पर निर्भरता कम करना और अपनी खुद की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।

इस नए फंड से इंडस्ट्री और आम लोगों को क्या फायदा होगा?

सरकार इस फंड के ज़रिए देश के अंदर ही ज़रूरी सामान बनाने की क्षमता को बढ़ाएगी। शेख मोहम्मद बिन राशिद ने बताया कि उनका लक्ष्य 5,000 से ज़्यादा महत्वपूर्ण उत्पादों को पूरी तरह से लोकल लेवल पर तैयार करना है। इससे सप्लाई चेन मज़बूत होगी और फैक्ट्रियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ेगा। साथ ही, अब सरकारी विभागों और नेशनल कंपनियों के लिए ‘नेशनल इन-कंट्री वैल्यू प्रोग्राम’ का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिले।

किन क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का खास फोकस?

इस फंड का पैसा उन क्षेत्रों में लगाया जाएगा जो देश की सुरक्षा और ज़रूरत के लिए सबसे अहम हैं। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:

  • खाद्य सुरक्षा (Food Security) और खेती से जुड़े उत्पाद।
  • दवाइयां और मेडिकल सप्लाई का निर्माण।
  • मेटल्स, केमिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री।
  • एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और कंस्ट्रक्शन का काम।

इसके अलावा, अबू धाबी में अगले महीने (मई 2026) ‘मेड इन द एमिरेट्स 2026’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा। सरकार ने एक नई पॉलिसी भी मंज़ूर की है जिससे रिटेल दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यूएई में बने सामानों की मौजूदगी बढ़ेगी।

औद्योगिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

विवरण जानकारी
कुल फंड राशि 1 अरब दिरहम ($272 मिलियन)
घोषणा की तारीख़ 26 अप्रैल, 2026
लक्ष्य 5,000 से ज़्यादा उत्पादों का स्थानीयकरण
EDB मासिक फाइनेंसिंग 1 अरब दिरहम (अप्रैल 20, 2026 तक)
नया प्लेटफॉर्म लॉन्च मई 2026 (अबू धाबी)
औद्योगिक कानून प्रभावी जनवरी 2023 (Federal Decree-Law No. 25)