संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपनी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से हटाकर पूरी तरह से तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यूएई सरकार ने बड़ा ऐलान किया है कि अगले दो वर्षों के भीतर देश की आधी सरकारी सेवाओं और संचालन को एआई-संचालित प्रणालियों में बदल दिया जाएगा। इस बड़े बदलाव को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार ने 80,000 सरकारी कर्मचारियों को एआई तकनीकों में प्रशिक्षित करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही, यूएई अब दुनिया भर के देशों को एआई तकनीक निर्यात करने की तैयारी कर रहा है।
सरकारी दफ्तरों में कैसे लागू होगा एआई और क्या है पूरी योजना?
यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तथा दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने घोषणा की है कि दो साल के भीतर 50 प्रतिशत सरकारी सेवाएं एआई एजेंटों के जरिए संचालित होंगी। पहले चरण में खरीद, टैक्स ऑडिट, कस्टमर सपोर्ट और टेक्निकल हेल्प के लिए चार खास एआई एजेंट तैनात किए गए हैं। कैबिनेट मामलों के मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल गरगावी ने जानकारी दी कि यूएई की डिजिटल अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान वर्तमान में 12 प्रतिशत है, जिसे 2031 तक बढ़ाकर 20 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य है। यूएई की लगभग 70 प्रतिशत से अधिक आबादी पहले से ही एआई का उपयोग कर रही है, जो दुनिया में सबसे अधिक है।
सुपरकंप्यूटर चिप्स की डिलीवरी और अमेरिका के साथ बड़ी डील
यूएई के अमेरिका में राजदूत यूसुफ अल-ओतैबा ने पुष्टि की है कि देश को अगली पीढ़ी के एनवीडिया ब्लैकवेल अल्ट्रा (Nvidia Blackwell Ultra) डेटा सेंटर ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) की पहली खेप मिल चुकी है। ये उन्नत चिप्स देश के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े लैंग्वेज मॉडल को ताकत देंगे। इसके अलावा, यूएई ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर ग्लोबल साउथ (विशेष रूप से अफ्रीका) में एआई बुनियादी ढांचे का विस्तार करने के लिए 1 बिलियन डॉलर की बड़ी पहल शुरू की है। इसमें केन्या में जियोथर्मल ऊर्जा से चलने वाले डेटा सेंटर का निर्माण शामिल है।
ओपेक से बाहर निकलने का फैसला और ऊर्जा क्षेत्र में नया निवेश
यूएई के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री तथा एडनॉक (ADNOC) के सीईओ डॉ. सुल्तान अल जाबेर ने स्पष्ट किया कि एआई के इस नए दौर में बड़े डेटा सेंटरों को चलाने के लिए सस्ती और भरोसेमंद बिजली की जरूरत है। इसी रणनीति के तहत यूएई ने अप्रैल के अंत में ओपेक (OPEC) तेल समूह से बाहर निकलने का बड़ा फैसला लिया ताकि वह ऊर्जा निवेश में अधिक लचीलापन पा सके। देश अब अपने प्राकृतिक गैस संसाधनों का उपयोग इन विशाल एआई डेटा सेंटरों को बिजली देने के लिए रणनीतिक रूप से कर रहा है। साथ ही देश की साइबर सुरक्षा परिषद ने ईएंड यूएई (e& UAE) के साथ मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक संप्रभु एआई प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई में कितने सरकारी कर्मचारियों को एआई की ट्रेनिंग दी जाएगी?
यूएई कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए लगभग 80,000 सरकारी कर्मचारियों को एआई तकनीकों और उसके गवर्नेंस में विशेष प्रशिक्षण देने की योजना को मंजूरी दी है।
यूएई ने हाल ही में ओपेक (OPEC) से बाहर निकलने का निर्णय क्यों लिया?
यूएई ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में स्वतंत्र रूप से बड़े निवेश करने के लिए अपनी ऊर्जा नीतियों में लचीलापन हासिल करने के उद्देश्य से ओपेक से बाहर निकलने का फैसला लिया।
एआई के मामले में यूएई का आर्थिक लक्ष्य क्या है?
यूएई सरकार का लक्ष्य एआई तकनीक के बल पर साल 2031 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन दिरहम (लगभग 817 बिलियन डॉलर) तक पहुंचाना है।
