UAE में रहने वाले प्रवासियों और भारतीय कामगारों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों ने अपने नेशनल अर्ली वार्निंग सिस्टम (National Early Warning System) में कुछ बड़े बदलाव किए हैं. यह नया सिस्टम 10 मार्च 2026 से पूरी तरह से लागू हो गया है. अब अलर्ट के समय और उसकी आवाज को लेकर नया शेड्यूल तैयार किया गया है ताकि आम लोगों की रात की नींद खराब न हो और उन्हें सही समय पर जानकारी भी मिल जाए.

दिन और रात के अलर्ट में क्या है अंतर?

राष्ट्रीय आपातकाल संकट और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NCEMA) ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलर्ट के टोन को दो हिस्सों में बांटा है. इसका उद्देश्य लोगों को सतर्क रखना और रात के समय उन्हें घबराहट से बचाना है.

  • दिन का समय (सुबह 9:00 बजे से रात 10:30 बजे तक): दिन के समय पहले की तरह ही तेज आवाज वाला सायरन (सचेत करने वाली ट्यून) बजेगा. इसके बाद जब खतरा टल जाएगा तो ऑल-क्लियर नोटिफिकेशन के लिए मोबाइल पर एक नॉर्मल SMS जैसी ट्यून बजेगी.
  • रात का समय (रात 10:30 बजे से सुबह 9:00 बजे तक): रात में नींद में खलल न पड़े इसके लिए वार्निंग और ऑल-क्लियर दोनों ही मैसेज के लिए एक बहुत हल्की और शांत ट्यून का इस्तेमाल किया जाएगा.

अलर्ट मिलने पर क्या करना जरूरी है?

सिस्टम के ट्यून में बदलाव जरूर हुआ है लेकिन सुरक्षा नियम पहले जैसे ही सख्त हैं. जब भी फोन पर अलर्ट आए तो हर किसी को इन सरकारी निर्देशों का पालन करना होगा.

  • अगर आप इमारत के अंदर हैं तो तुरंत किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं. शीशे के दरवाजों और खिड़कियों से दूर रहें.
  • जब तक आधिकारिक तौर पर ऑल-क्लियर का मैसेज न आ जाए तब तक अपनी सुरक्षित जगह से बाहर न आएं.
  • सड़क पर गाड़ी चलाने वालों को बीच रास्ते या हाईवे पर गाड़ी बिल्कुल नहीं रोकनी है. उन्हें गाड़ी को किसी कंक्रीट वाली बिल्डिंग के पास या अंडरग्राउंड पार्किंग में ले जाना चाहिए.
  • अलर्ट के दौरान वीडियो बनाना या रिकॉर्डिंग करना गैरकानूनी है. ऐसा करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

आंतरिक मंत्रालय (MoI) ने साफ किया है कि लोग सिर्फ सरकारी चैनलों की बातों पर ही विश्वास करें. सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें. यह सिस्टम पूरी तरह से काम कर रहा है और लोगों की सुरक्षा के लिए ही इसे अपडेट किया गया है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.