UAE Flight Update: दुबई में फंसे यात्रियों का सारा खर्च उठाएगी सरकार, एयरस्पेस बंद होने से हुई थी परेशानी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। क्षेत्र में एयरस्पेस के अस्थाई तौर पर बंद होने की वजह से जो यात्री दुबई और अन्य शहरों में फंस गए थे, उनके रहने और खाने-पीने का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। यह फैसला उन हजारों यात्रियों के लिए बड़ी मदद है जो उड़ानों के अचानक रद्द होने या देरी होने से परेशान थे।
यात्रियों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
सरकार की घोषणा के अनुसार, फंसे हुए यात्रियों के लिए अस्थाई आवास, भोजन और जरूरी लॉजिस्टिक सेवाओं का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा, पैसेंजर वेलफेयर प्रोग्राम (PWP) के तहत एयरलाइंस के लिए भी कुछ कड़े नियम लागू किए गए हैं ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
- फ्लाइट में 2 घंटे से ज्यादा देरी होने पर यात्रियों को भोजन और रिफ्रेशमेंट देना होगा।
- 3 घंटे के बाद यात्रियों को इंटरनेट या फोन जैसी संचार सुविधाएं देनी होंगी।
- अगर फ्लाइट 6 घंटे से ज्यादा लेट होती है या रात भर रुकना पड़ता है, तो होटल और ट्रांसपोर्ट का खर्च एयरलाइन उठाएगी।
वीज़ा जुर्माना और एयरपोर्ट की ताज़ा स्थिति
फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी (ICP) ने उन यात्रियों के लिए ओवरस्टे जुर्माना माफ करने का ऐलान किया है जो एयरस्पेस बंद होने के कारण समय पर देश से बाहर नहीं जा सके। 28 फरवरी को सुरक्षा कारणों से एयरस्पेस को कुछ समय के लिए बंद किया गया था, जिसके बाद दुबई इंटरनेशनल (DXB) और जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों पर असर पड़ा था। रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और उड़ानों को धीरे-धीरे फिर से शुरू किया जा रहा है।
| सुविधा | नियम |
|---|---|
| भोजन और पानी | 2 घंटे की देरी पर जरूरी |
| होटल और ट्रांसपोर्ट | 6 घंटे या रात भर की देरी पर |
| वीज़ा ओवरस्टे जुर्माना | फंसे हुए यात्रियों के लिए माफ |
| एयरपोर्ट सलाह | कंफर्म टिकट के बिना न जाएं |
यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश
अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे तब तक एयरपोर्ट के लिए न निकलें जब तक उनकी एयरलाइन से फ्लाइट की पुष्टि न हो जाए। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाहों या सोशल मीडिया पर चल रहे असत्यापित वीडियो पर भरोसा न करें। बाजार में खाने-पीने की चीजों और जरूरी सामान की कोई कमी नहीं है, इसलिए जनता को घबराने या सामान जमा करने की जरूरत नहीं है।




