खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के कारण हवाई रास्ते बंद होने से हजारों यात्री यूएई में फंस गए हैं। 28 फरवरी से शुरू हुई इस परेशानी के बीच यूएई सरकार और वहां के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। अबू धाबी और दुबई के प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी यात्री को बेसहारा नहीं छोड़ना है। सरकार ने होटलों को आदेश दिया है कि वे यात्रियों के रहने का इंतजाम जारी रखें और इसका खर्च भी सरकार द्वारा उठाया जाएगा।

होटल और खर्च को लेकर क्या है सरकार का नियम?

अबू धाबी के संस्कृति और पर्यटन विभाग (DCT) ने 1 मार्च को एक सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक, अगर किसी यात्री का चेक-आउट का समय हो गया है लेकिन फ्लाइट रद्द होने की वजह से वह नहीं जा पा रहा, तो होटल उसे बाहर नहीं निकाल सकता। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इन यात्रियों के होटल में रुकने का 100% खर्च अबू धाबी सरकार उठाएगी। दुबई में भी होटलों को सख्ती से कहा गया है कि वे पैसे न होने पर मेहमानों को कमरे खाली करने के लिए न कहें।

भारतीय बिजनेसमैन और कंपनियां कैसे कर रहीं मदद?

इस संकट के समय में यूएई में रहने वाले भारतीय और स्थानीय कंपनियां भी दिल खोलकर मदद कर रही हैं। कई लोगों ने अपने घर और फार्महाउस यात्रियों के लिए खोल दिए हैं।

  • धीरज जैन: भारतीय बिजनेसमैन ने अजमान में अपना फार्महाउस 200 लोगों के लिए फ्री कर दिया है, जहां खाना और गाड़ी की सुविधा भी है।
  • Imtiaz Developments: यह कंपनी जरूरतमंद पर्यटकों का होटल बिल भर रही है और खाने के पैसे भी दे रही है।
  • Palazzo Versace Dubai: यहां प्रभावित यात्रियों को मुफ्त में रहने और नाश्ते की सुविधा दी जा रही है।
  • Danube और Peace Homes: इन्होंने भी बेघर हुए यात्रियों को रहने के लिए जगह देने का ऐलान किया है।

फ्लाइट्स को लेकर अभी क्या है ताजा स्थिति?

3 मार्च तक के अपडेट के मुताबिक, यूएई के अधिकारियों ने कुछ सुरक्षित हवाई रास्ते (Safe Air Corridors) खोले हैं। अभी हर घंटे करीब 48 उड़ानें संचालित हो रही हैं, लेकिन पूरा जोर फंसे हुए यात्रियों को उनके देश भेजने पर है। एतिहाद एयरवेज ने बताया है कि अबू धाबी की सभी कमर्शियल उड़ानें 5 मार्च, 2026 तक बंद रहेंगी। अब तक सरकार और संस्थाओं ने मिलकर 20,200 से ज्यादा यात्रियों की मदद की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.