संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले लोगों को इन दिनों नेविगेशन ऐप्स इस्तेमाल करने में भारी परेशानी हो रही है। दुबई, अबू धाबी और फुजैरा में Google Maps और Waze जैसे ऐप्स लोगों की सही लोकेशन नहीं दिखा रहे हैं। कई बार फोन पर लोकेशन सीधे ईरान की राजधानी तेहरान दिखने लगती है या फिर सिग्नल पूरी तरह से गायब हो जाता है। इस तकनीकी गड़बड़ी का असर सिर्फ आम लोगों की गाड़ियों और Uber, Careem जैसी टैक्सी सेवाओं पर ही नहीं, बल्कि हवाई और समुद्री यातायात पर भी पड़ रहा है।

आखिर GPS में यह गड़बड़ी क्यों आ रही है

Khaleej Times और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या जीपीएस जैमिंग और स्पूफिंग की वजह से हो रही है। आसान भाषा में समझें तो कुछ नकली रेडियो सिग्नल्स फोन के सिस्टम को धोखा दे रहे हैं जिससे वह गलत लोकेशन पकड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों और इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपायों के कारण ऐसा हो रहा है ताकि संवेदनशील जगहों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके अलावा घनी आबादी वाले शहरों में नए 5G नेटवर्क के विस्तार के कारण भी सिग्नल में रुकावट दर्ज की जा रही है।

अपने फोन की लोकेशन सेटिंग कैसे ठीक करें

इस समस्या से बचने के लिए अधिकारियों ने कुछ जरूरी निर्देश जारी किए हैं जिन्हें अपनाकर आप सही नेविगेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन सेटिंग्स को बदलकर आम प्रवासी अपनी रोजमर्रा की यात्रा को आसान बना सकते हैं।

  • टाइम ज़ोन सेट करें: फोन की सेटिंग में जाकर Date & Time में Set Automatically को बंद कर दें और मैन्युअल रूप से Gulf Standard Time (GST, UTC+4) चुनें। इससे फोन का टाइम तेहरान के हिसाब से नहीं बदलेगा।
  • लोकेशन सेटिंग बदलें: एंड्रॉइड यूजर अपनी लोकेशन मोड को High Accuracy से हटाकर Wi-Fi and Bluetooth only पर सेट कर लें ताकि फोन लोकल नेटवर्क का इस्तेमाल करे।
  • ऑफलाइन मैप्स: लाइव सिग्नल फेल होने की स्थिति में नेविगेशन जारी रखने के लिए Google Maps या Waze पर पहले से ऑफलाइन मैप डाउनलोड करके रखें।

फ्लाइट्स और पानी के जहाजों पर असर

जीपीएस सिग्नल खराब होने का सीधा असर फ्लाइट्स और पानी के जहाजों पर भी पड़ा है। मार्च के शुरुआती 8 दिनों में 2,694 से ज्यादा जहाजों के नेविगेशन सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था। फुजैरा पोर्ट के हार्बर मास्टर कैप्टन मायेद अलमीरी ने चेतावनी जारी की है कि नाविक अब सिर्फ जीपीएस पर निर्भर न रहें और राडार का इस्तेमाल करें। वहीं फ्लाइट्स के रूट बदलने के कारण विमानों के ईंधन का खर्च बढ़ गया है। इसके चलते भारत से अमेरिका और यूरोप जाने वाले विमानों के किराये में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.