यूएई (UAE) में जनरल पेंशन एंड सोशल सिक्योरिटी अथॉरिटी (GPSSA) ने अपने एजुकेशनल वर्कशॉप प्रोग्राम का विस्तार किया है। साल 2025 में इस प्रोग्राम से 420 सरकारी और प्राइवेट कंपनियों के 21,000 से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिला है। इस भारी सफलता को देखते हुए अथॉरिटी ने 10 मार्च 2026 को ऐलान किया है कि इस प्रोग्राम को पूरे 2026 के लिए बढ़ाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और कंपनियों को यूएई के सोशल सिक्योरिटी सिस्टम और पेंशन के नियमों की सही जानकारी देना है।

वर्कशॉप में किन नियमों की दी जा रही है जानकारी

इस वर्कशॉप के जरिए कंपनियों और कर्मचारियों को उनके अधिकारों और कानूनी जिम्मेदारियों के बारे में बताया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से दो कानूनों पर जोर दिया गया है।

  • Federal Law No. (7) of 1999: यह कानून पेंशन और सोशल सिक्योरिटी के मूल नियमों को तय करता है।
  • Federal Decree-Law No. (57) of 2023: इस कानून के तहत रजिस्ट्रेशन और पेंशन फंड में योगदान के अपडेटेड नियम बताए गए हैं।

कंपनियों के एचआर (HR) और फाइनेंस विभाग से जुड़े प्रवासियों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है ताकि उनसे कोई प्रशासनिक गलती न हो और वे किसी भी जुर्माने से बच सकें।

इस प्रोग्राम से आम कर्मचारियों को क्या फायदा होगा

इस प्रोग्राम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कर्मचारी अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग समय रहते कर सकते हैं। इससे उन्हें भविष्य में लंबे समय तक आर्थिक सुरक्षा मिलती है।

कर्मचारियों को यह भी समझ आता है कि उनकी पेंशन का हिसाब कैसे किया जाएगा और एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट्स कैसे मिलेंगे।

अथॉरिटी ने साफ किया है कि इन वर्कशॉप में शामिल होने के लिए किसी भी रजिस्टर्ड कंपनी या कर्मचारी को कोई फीस नहीं देनी होती है। यह पूरी तरह से मुफ्त सेवा है और इसका मकसद सिर्फ नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करना है।