UAE और Greece ने एथेंस में हुई बातचीत के दौरान यह स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का खुला रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। हाल के दिनों में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है, जिससे समुद्री आवाजाही पर बुरा असर पड़ रहा है।
हालिया हमलों से बढ़ी परेशानी
पिछले 48 घंटों के दौरान होर्मुज के रास्ते में कई घटनाएं सामने आईं। 20 जुलाई 2026 को ओमान के लिमाह से 8 नॉटिकल मील दूर एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसके कारण चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। इससे पहले 19 जुलाई 2026 को UAE के दिब्बा के पास एक जहाज को निशाना बनाया गया, जिससे उसका स्टीयरिंग गियर क्षतिग्रस्त हो गया। ये दोनों जहाज Dynacom Tankers के थे और इनमें से Kavomaleas टैंकर में आग भी लग गई थी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा
अमेरिकी सेना (Centcom) ने इन हमलों के जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक की है। दूसरी ओर, ईरान ने धमकी दी है कि जब तक अमेरिकी हमले जारी रहेंगे, वह जलडमरूमध्य को बंद रखेगा। UAE और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि समुद्री सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के नियमों का पालन जरूरी है। UAE का मानना है कि होर्मुज का रास्ता सुरक्षित रहना वैश्विक व्यापार के लिए अनिवार्य है और इस पर किसी भी तरह का हमला पूरी दुनिया के लिए नुकसानदेह है।
