UAE और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, संयुक्त अरब अमीरात ने रोके सभी कॉमर्शियल लेनदेन.

Sushma Kumari18 August 20263 min read61 viewsUAE
UAE और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, संयुक्त अरब अमीरात ने रोके सभी कॉमर्शियल लेनदेन.

अमेरिका और ईरान के रिश्ते इस समय बहुत ही नाजुक दौर से गुजर रहे हैं, जिसे लेकर दुनिया भर के देशों की नजरें इस पर टिकी हुई हैं। 18 अगस्त 2026 को अमेरिका के एक अधिकारी ने साफ किया कि सरकार ईरान पर बहुत सख्त पाबंदियां लगाने की तैयारी कर रही है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से बातचीत बंद है और लगातार सैन्य तनाव बढ़ता जा रहा है। इस तनाव का असर अब खाड़ी देशों पर भी साफ दिखने लगा है, जिससे आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

अमेरिका और ईरान आमने-सामने

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर यह बात खारिज कर दी कि ईरान के साथ इस समय कोई भी बातचीत चल रही है या होने वाली है। राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसेना की नाकाबंदी पूरी तरह से लागू है। हालांकि, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पानी के नीचे बिछाई गई बारूदी सुरंगों को साफ करने के बाद Strait of Hormuz का रास्ता चालू कर दिया गया है। राष्ट्रपति के इस बयान से उन खबरों पर विराम लग गया, जिनमें राष्ट्रपति के दूत Jared Kushner ने कहा था कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है। कशिश ने पहले बताया था कि तेहरान अमेरिका के हितों के हिसाब से किसी भी समझौते में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहा है।

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ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और शर्तें

ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका के बयानों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक अमेरिका उनकी कुछ अहम शर्तें नहीं मानता, तब तक Strait of Hormuz को बंद रखा जाएगा। ईरान की मांगों में उनके जमे हुए वित्तीय यानी फ्रोजन पैसों को वापस करना, नौसेना की नाकाबंदी हटाना और तेल व गैस के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करना शामिल है। गालिबफ ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent और रक्षा सचिव Pete Hegseth की आलोचना करते हुए उन्हें इस मामले में कमजोर बताया। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी युद्धविराम की किसी भी अपील को मानने से साफ इंकार कर दिया और मौजूदा दुश्मनी को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की।

खाड़ी देशों पर असर और यूएई का बड़ा कदम

इस्लामाबाद समझौते के तहत तय की गई 60 दिन की समय सीमा 17 अगस्त 2026 को खत्म हो गई थी, जिसके बाद यह हालात और ज्यादा बिगड़ गए। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने पहले ही ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए कड़े कदम उठाने का वादा किया था। इस तनाव के बीच क्षेत्रीय असर के रूप में United Arab Emirates ने 18 अगस्त 2026 को ईरान के साथ अपने सभी तरह के कमर्शियल और वित्तीय लेन-देन को पूरी तरह से रोक दिया है। इसके अलावा, फ्रांस ने भी ईरान के दो राजनयिकों को देश से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसी दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज पर किसी अज्ञात चीज से हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति के हताहत होने की खबर सामने आई है। इन सभी घटनाओं के बीच ईरानी अधिकारियों के बयानों से ऐसा संकेत मिलता है कि वे पूरी तरह से आक्रामक सैन्य रुख अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।

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