UAE Health Update: यूएई ने स्वास्थ्य सेवा में किया बड़ा बदलाव, अब बीमारी होने से पहले ही लग जाएगा पता.

Aanya16 August 20262 min read70 viewsUAE
UAE Health Update: यूएई ने स्वास्थ्य सेवा में किया बड़ा बदलाव, अब बीमारी होने से पहले ही लग जाएगा पता.

यूएई की सरकार ने देश की हेल्थकेयर व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने का बड़ा फैसला किया है। अब इलाज के बजाय बीमारी की शुरुआती पहचान और खतरे को भांपने पर पूरा जोर दिया जा रहा है। इस नई व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जेनेटिक्स और बड़े डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसी भी गंभीर बीमारी का पता वह शरीर में फैलने से पहले ही चल जाए। राष्ट्रपति महामहिम Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan के निर्देश के बाद इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है और सभी नागरिकों के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना भी लाई जा रही है।

अमीरात में शुरू हुए बड़े जेनेटिक और हेल्थ प्रोग्राम

स्वास्थ्य मंत्रालय और अबू धाबी के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई बड़े कदम उठाए गए हैं। अबू धाबी में Future Health पहल के तहत सटीक चिकित्सा और डिजिटल स्वास्थ्य पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही देश में एक बड़ा नवजात जेनेटिक स्क्रीनिंग प्रोग्राम चलाया गया है, जिससे 815 से ज्यादा जन्मजात बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा शादी से पहले जेनेटिक टेस्ट भी अनिवार्य कर दिया गया है, जिसमें 570 से अधिक जीन्स की जांच की जाती है।

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अनिवार्य प्री-मैरिटल स्क्रीनिंग और आंकड़े

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, जनवरी 2025 से अमीराती जोड़ों के लिए प्री-मैरिटल जेनेटिक टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। Emirates Health Services के आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 के अंत तक कुल 5,506 जोड़ों ने यह टेस्ट पूरा किया। इनमें से 5,294 यानी 96.1 प्रतिशत जोड़े आनुवंशिक रूप से मेल खाते पाए गए, जबकि 212 यानी 3.9 प्रतिशत जोड़ों में असंगति पाई गई। राहत की बात यह है कि जो जोड़े आनुवंशिक रूप से मेल नहीं खाते थे, उनमें से शादी आगे बढ़ाने वालों का अनुपात लगभग 90 प्रतिशत से घटकर 75 प्रतिशत रह गया है।

मोटापे और डायबिटीज से निपटने के लिए नई रणनीति

देश में मोटापे और डायबिटीज जैसी समस्याओं से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा का उपयोग किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने मोटापे के इलाज के लिए एक नई दैनिक मौखिक दवा Foundayo को मंजूरी दी है, जिसे अमेरिका के बाद दुनिया में सबसे पहले यूएई में लाया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय पोषण रणनीति 2031 को भी मंजूरी मिल गई है, जिसका उद्देश्य देश के लोगों का खान-पान सुधारना और वयस्क तथा बचपन के मोटापे को नियंत्रित करना है।

अस्पतालों में एआई तकनीक का इस्तेमाल

यूएई के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अब आधुनिक तकनीक का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। अबू धाबी के Malaffi हेल्थ एक्सचेंज से हजारों स्वास्थ्य सुविधाएं जुड़ चुकी हैं, जिसमें करोड़ों मरीजों का डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद है। इसके अलावा, एआई आधारित टूल्स की मदद से सेप्सिस की पहचान पारंपरिक तरीकों से लगभग 6 घंटे पहले की जा रही है, जिसकी सटीकता 79 से 90 प्रतिशत तक है। इस पूरी स्वास्थ्य क्रांति का मकसद देश के हर नागरिक और यहां रहने वाले लोगों को एक सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर जीवन देना है।

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