यूएई में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को अपने दिल की सेहत यानी heart health को लेकर बहुत सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी ज्यादा गर्मी शरीर पर दबाव डालती है जिससे हार्ट अटैक और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
किसे है ज्यादा खतरा और क्या हैं इसके लक्षण?
आरएके अस्पताल (RAK Hospital) के विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत ज्यादा गर्मी की वजह से दिल को शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे डिहाइड्रेशन बढ़ता है और खून के थक्के जमने का डर रहता है, जो हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
- ज्यादा जोखिम वाले लोग: बुजुर्ग, धूप में काम करने वाले मजदूर, डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज।
- खतरे के लक्षण: छाती में दर्द, चक्कर आना, सांस फूलना, बहुत ज्यादा पसीना आना और अचानक कमजोरी महसूस होना।
बाहरी कर्मचारियों के लिए क्या है सरकारी नियम?
यूएई सरकार ने बाहरी काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाए हैं। सरकार हर साल 15 जून से 15 सितंबर तक मिडडे ब्रेक (Midday Break) लागू करती है।
- समय: दोपहर 12:30 बजे से 3:00 बजे तक सीधी धूप में काम करना मना है।
- कंपनियों की जिम्मेदारी: कंपनियों को मजदूरों के लिए छाया, पंखे और पर्याप्त पीने का पानी देना होगा।
- जुर्माना: नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर प्रति कर्मचारी 5,000 एईडी का जुर्माना लग सकता है, जो अधिकतम 50,000 एईडी तक जा सकता है।
गर्मी से बचने के लिए क्या उपाय अपनाएं?
नेशनल सेंटर ऑफ मेटियोरोलॉजी (NCM) और डॉक्टरों ने आम लोगों और प्रवासियों के लिए कुछ जरूरी टिप्स दिए हैं:
- सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक तेज धूप से बचें और घर के अंदर रहें।
- दिन भर में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पिएं, छोटे-छोटे घूंट लेकर हाइड्रेटेड रहें।
- हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें।
- नमक और कैफीन जैसे चाय-कॉफी का सेवन कम करें क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE में दोपहर का ब्रेक (Midday Break) कब से कब तक होता है?
यह नियम 15 जून से 15 सितंबर तक लागू रहता है। इसके तहत दोपहर 12:30 बजे से 3:00 बजे के बीच सीधी धूप में काम करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
गर्मी के दौरान दिल की सेहत के लिए किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
अगर छाती में दर्द, चक्कर आना, सांस फूलना या अचानक कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
