संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। 7 अप्रैल 2026 को UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागे गए कई ड्रोन और मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है जिससे सऊदी अरब और कुवैत जैसे पड़ोसी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। सरकार ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से सावधान रहने की अपील की है।

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UAE में सुरक्षा को लेकर जारी किए गए नए निर्देश

रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से मुस्तैद है और देश की संप्रभुता की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का मजबूती से सामना कर रहा है। नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी गिरे हुए मलबे के पास न जाएं क्योंकि इससे जान का खतरा हो सकता है। लोगों को केवल सरकारी चैनलों से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा गया है।

खाड़ी देशों में अब तक हुए हमलों के आंकड़े

28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन हमलों के बाद से UAE के सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में खतरों को नाकाम किया है। पिछले 24 घंटों में भी रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया है।

हमले का प्रकार कुल इंटरसेप्ट की गई संख्या (28 Feb से)
बैलिस्टिक मिसाइलें 519
ड्रोन (UAV) 2210
क्रूज मिसाइलें 26
कुल घायल व्यक्ति 221

पड़ोसी देशों में भी अलर्ट की स्थिति और असर

सऊदी अरब ने भी 7 अप्रैल को सात बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है जिनका मलबा ऊर्जा केंद्रों के पास गिरा। बहरीन में भी खतरे के सायरन बजाए गए हैं ताकि आम लोग सावधान हो सकें। कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर हुए ड्रोन हमले में 15 अमेरिकी घायल हुए हैं। यह तनाव बढ़ने से खाड़ी में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय नियमों का पालन करें और कंपनी या दूतावास के संपर्क में रहें। हवाई और समुद्री सीमा पर चौकसी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.