UAE प्रशासन ने देश में रहने वाले नागरिकों, प्रवासियों और यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए अपने मानवीय दृष्टिकोण को और मजबूत किया है। मेजर जनरल मोहम्मद अल मैरी के अनुसार, यहाँ इंसान को सबसे पहले रखा जाता है और हर किसी को सम्मान दिया जाता है। इस नीति के तहत उन लोगों की हर संभव मदद की जा रही है जो वीज़ा संबंधी समस्याओं या किसी मजबूरी के कारण संकट में हैं।

वीज़ा और जुर्माने में मिलने वाली राहत की जानकारी

GDRFA दुबई ने प्रवासियों और विजिटर्स के लिए कुछ खास रियायतें लागू की हैं। इन बदलावों का सीधा फायदा उन लोगों को होगा जिनका वीज़ा हाल ही में खत्म हुआ है और वे वापस नहीं लौट पाए हैं।

  • जिन लोगों का विजिटर वीज़ा 28 फरवरी से 31 मार्च के बीच एक्सपायर हुआ है, उन्हें 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है।
  • यदि किसी यात्री की फ्लाइट कैंसिल हुई है और वह इसका प्रमाण देता है, तो उससे ओवरस्टे का जुर्माना नहीं लिया जाएगा।
  • नियमों के अनुसार लगने वाला 100 दिरहम प्रतिदिन का ओवरस्टे जुर्माना विशिष्ट मामलों में माफ किया जा रहा है।
  • विशेष परिस्थितियों में रहने वाले लोगों के लिए एक साल का मानवीय स्टे परमिट जारी करने का प्रावधान भी किया गया है।

भारतीय प्रवासियों पर इस फैसले का असर

दुबई और UAE के अन्य हिस्सों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं और काम करते हैं। नियमों में दी गई यह ढील उन लोगों के लिए बहुत मददगार है जो तकनीकी कारणों या फ्लाइट की दिक्कतों से अपना स्टेटस सही नहीं कर पाए थे। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इन उपायों से उन प्रवासियों को भी राहत मिली है जो अपने वीज़ा को लेकर लंबे समय से चिंतित थे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.