यूएई में गैरकानूनी तरीके से जंगली जानवरों और दुर्लभ पौधों के व्यापार को रोकने के लिए सरकार ने बेहद सख्त कानून लागू कर दिया है। नए नियमों के तहत अब नियमों का उल्लंघन करने वालों को 15 साल तक की जेल और 20 लाख दिरहम (करीब 4.5 करोड़ रुपये) तक का भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्री डॉ. आमना बिंत अब्दुल्ला अल दहाक ने साफ कर दिया है कि देश में अवैध वन्यजीव व्यापार को लेकर बिल्कुल भी ढील नहीं दी जाएगी और गलती करने वाले विदेशी प्रवासियों को सीधे डिपोर्ट यानी देश निकाला कर दिया जाएगा।

क्या हैं नए नियम और कितनी मिलेगी सजा?

नए संघीय कानून (Federal Decree-Law No. 22 of 2025) के तहत अवैध रूप से किसी भी संकटग्रस्त प्रजाति के जानवर या पौधे को देश में लाना, बाहर ले जाना या बिना मंजूरी के ट्रांसपोर्ट करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह नियम फ्री जोन सहित पूरे यूएई में लागू हो चुका है।

  • लंबी जेल की सजा: कानून का गंभीर उल्लंघन करने वालों को 15 साल तक की जेल हो सकती है।
  • भारी जुर्माना: आर्थिक दंड को काफी बढ़ा दिया गया है, जिसमें अधिकतम जुर्माना 20 लाख दिरहम तक हो सकता है।
  • प्रवासियों के लिए सख्त नियम: विदेशी प्रवासियों ने अगर यह अपराध दोबारा किया, तो उन्हें यूएई से डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
  • लागत की वसूली: पकड़े गए जानवरों या पौधों को रखने, उनकी देखभाल करने या उन्हें नष्ट करने का सारा खर्च भी दोषी व्यक्ति से ही वसूला जाएगा।

प्रवासियों और यात्रियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

जो लोग विदेशों से पेड़-पौधे, पालतू जानवर या बाज (falcons) लेकर यात्रा करते हैं, उन्हें अब बहुत सावधान रहने की जरूरत है। नए कानून के तहत एयरपोर्ट, बंदरगाहों और सीमाओं पर तैनात अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने और अवैध सामान को मौके पर ही जब्त करने के अधिकार दिए गए हैं।

  • कृषि क्वारंटाइन नियमों को तोड़ने पर 5 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है।
  • पौधों की नई प्रजातियों के नियमों का उल्लंघन करने पर 3 साल की जेल और 2.5 लाख दिरहम तक का जुर्माना तय किया गया है।
  • सख्त अंतरराष्ट्रीय नियमों (CITES) का पालन सुनिश्चित करने के लिए ‘फाल्कन पासपोर्ट’ और पुराने दस्तावेजों की जांच को बहुत कड़ा कर दिया गया है।

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल

पर्यावरण मंत्री डॉ. आमना बिंत अब्दुल्ला अल दहाक ने बताया कि वन्यजीवों की तस्करी और फर्जी दस्तावेजों को पकड़ने के लिए एक खास AI-संचालित ‘Smart CITES Certificate Verification System’ शुरू किया गया है। यह सिस्टम तुरंत नकली सर्टिफिकेट की पहचान कर लेता है। इसके अलावा, यूएई सरकार ने पर्यावरण से जुड़े अपराधों को अपनी राष्ट्रीय एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग रणनीति से भी जोड़ दिया है, जिससे तस्करों पर पूरी तरह नकेल कसी जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या यूएई में अवैध रूप से पौधे लाने पर भी सजा हो सकती है?

हां, नए नियमों के तहत बिना अनुमति के किसी दुर्लभ पौधे को लाने या नए पौधों के अधिकारों का उल्लंघन करने पर 3 साल तक की जेल और 2.5 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है।

अगर कोई प्रवासी दोबारा वन्यजीव तस्करी के अपराध में पकड़ा जाता है तो क्या होगा?

यदि कोई विदेशी नागरिक यानी प्रवासी दोबारा इस कानून का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे अनिवार्य रूप से यूएई से डिपोर्ट (निर्वासित) कर दिया जाएगा।