UAE और भारत ने मिलकर तकनीक के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी साझेदारी की है. अब भारत में ‘Condor Galaxy India’ नाम का एक बेहद शक्तिशाली AI सुपरकंप्यूटर लगाया जाएगा. इस समझौते को 15 मई 2026 को औपचारिक रूप दिया गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अबू धाबी के आधिकारिक दौरे पर थे. इस प्रोजेक्ट का मकसद भारत की कंप्यूटिंग क्षमता को दुनिया में सबसे आगे ले जाना है.

Condor Galaxy India सुपरकंप्यूटर क्या है और कितना ताकतवर है?

यह सुपरकंप्यूटर 8-exaflop क्षमता वाला एक क्लस्टर होगा, जिसमें 64 Cerebras CS-3 सिस्टम लगाए जाएंगे. आसान शब्दों में कहें तो यह भारत की मौजूदा कुल AI कंप्यूटिंग क्षमता से लगभग 19 गुना ज़्यादा ताकतवर है. इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी निम्न संस्थाओं की होगी:

  • G42: यह अबू धाबी की ग्लोबल टेक्नोलॉजी ग्रुप है जिसने इस ढांचे को तैयार किया है.
  • Cerebras Systems: यह अमेरिका की चिप बनाने वाली कंपनी है जो हार्डवेयर सप्लाई करेगी.
  • C-DAC: भारत की यह संस्था इस सुविधा को लगाने, चलाने और इसकी देखरेख करने का काम संभालेगी.

डेटा सुरक्षा और भारत को होने वाले फायदों की पूरी जानकारी

इस सुपरकंप्यूटर की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से भारत में ही स्थित होगा. यह भारत द्वारा बनाए गए नियमों के तहत काम करेगा, जिससे यह पक्का होगा कि सारा डेटा देश की सीमा के अंदर ही रहे. यह सुरक्षा और सरकारी नियमों के हिसाब से बनाया गया है. इस तकनीक का इस्तेमाल इन क्षेत्रों में किया जाएगा:

  • बीमारियों के इलाज और दवाइयों की खोज (Drug Discovery) में.
  • स्वास्थ्य और जेनोमिक्स के क्षेत्र में नई रिसर्च के लिए.
  • ऊर्जा के सही इस्तेमाल और जियोस्पेशियल एनालिटिक्स के लिए.

UAE का भारत में निवेश और बड़े समझौते

यह साझेदारी केवल सुपरकंप्यूटर तक सीमित नहीं है. UAE ने भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 5 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है. यह डील 2024 में हस्ताक्षरित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर समझौते का विस्तार है. अबू धाबी के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने इस समझौते के आदान-प्रदान को देखा. G42 इंटरनेशनल के सीईओ मंसूर अल मनसूरी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट देश के स्तर पर इंटेलिजेंस विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Condor Galaxy India सुपरकंप्यूटर की क्षमता कितनी है?

इसकी क्षमता 8-exaflop है और इसमें 64 Cerebras CS-3 सिस्टम लगे होंगे, जो इसे भारत की वर्तमान AI क्षमता से लगभग 19 गुना ज़्यादा शक्तिशाली बनाते हैं.

क्या इस सुपरकंप्यूटर के इस्तेमाल से भारत का डेटा बाहर जाएगा?

नहीं, यह सुपरकंप्यूटर पूरी तरह से भारत में होस्ट किया जाएगा और भारत के गवर्नेंस फ्रेमवर्क के तहत काम करेगा, जिससे सारा डेटा देश के भीतर ही सुरक्षित रहेगा.