गल्फ देशों और भारत के बीच यात्रा करने वाले प्रवासियों और हवाई यात्रियों के लिए बड़ी खबर आई है। साल 2026 की गर्मियों के सीजन में हवाई सफर काफी चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है। ईरान से जुड़े तनाव, विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों और प्रमुख हवाई मार्गों पर लगे प्रतिबंधों के कारण दुनिया भर की कई बड़ी एयरलाइंस अपनी उड़ानों में बड़ी कटौती कर रही हैं। वैश्विक स्तर पर 75,000 से अधिक उड़ानें पहले ही शेड्यूल से हटाई जा चुकी हैं, जिससे आने वाले दिनों में यात्रा प्रभावित होना तय है।

ℹ️: UAE Emirates ID Rules: अमीरात आईडी से अब बचेंगे आपके हजारों रुपये, सरकार ने दी कई बड़े डिस्काउंट और फायदों की जानकारी

एयर इंडिया और एमिरेट्स सहित प्रमुख विमान कंपनियों ने किए बड़े बदलाव

मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण विमान ईंधन के दामों में बीते दो महीनों में करीब 64 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही ईरान, इराक और पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद या प्रतिबंधित होने से विमानों को लंबे रूट से जाना पड़ रहा है। इसी कारण विमानन कंपनियों ने अपनी संचालन योजनाओं में कटौती की है।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की प्रमुख एयरलाइन एमिरेट्स ने जून 2026 के अपने शेड्यूल में 16 प्रतिशत तक की कटौती की घोषणा की है, जिससे करीब 4,80,000 से 5,00,000 सीटें कम हो जाएंगी। वहीं, भारत की एयर इंडिया जून से अगस्त 2026 के बीच अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन में 27 प्रतिशत और घरेलू परिचालन में 22 प्रतिशत तक की कमी करने जा रही है। इंडिगो ने भी अपने घरेलू परिचालन में 7 से 10 प्रतिशत की कटौती की है और छह अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

बढ़ती लागत और किराए पर क्या असर पड़ेगा?

अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) के प्रमुख विली वॉल्श ने स्पष्ट किया है कि यदि जेट ईंधन की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी होना तय है। विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियां इस समय अपने नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए उड़ानों की संख्या कम कर रही हैं। मूडीज रेटिंग्स ने भी ईंधन की बढ़ती लागत को देखते हुए वैश्विक एयरलाइन क्षेत्र के दृष्टिकोण को स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया है।

हवाई यात्रियों की सुविधा के लिए उड़ानों में हुई कटौती और विभिन्न एयरलाइंस के बदलावों का विवरण इस प्रकार है:

एयरलाइन का नाम घरेलू उड़ानों में कटौती अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती प्रभावित समय सीमा
एमिरेट्स (Emirates) लागू नहीं 16 प्रतिशत तक जून 2026
एयर इंडिया (Air India) 22 प्रतिशत तक 27 प्रतिशत तक जून से अगस्त 2026
इंडिगो (IndiGo) 7 से 10 प्रतिशत 6 मार्ग अस्थायी निलंबित वर्तमान सीजन
लुफ्थांसा (Lufthansa) 20,000 शॉर्ट-हॉल सेवाएं रद्द सीमित सेवाएं अक्टूबर 2026 तक

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति और संभावित बदलावों के बारे में एयरलाइंस की वेबसाइट पर जाकर जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। एयर इंडिया ने प्रभावित यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने या पूरा रिफंड प्राप्त करने का विकल्प दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

विमान कंपनियों ने उड़ानों की संख्या में कटौती क्यों की है?

ईरान संघर्ष के कारण हवाई मार्ग बंद होने से उड़ान का समय बढ़ गया है और पिछले दो महीनों में विमान ईंधन की कीमतों में लगभग 64% का उछाल आया है, जिससे एयरलाइंस पर परिचालन लागत बढ़ गई है।

क्या गर्मियों में हवाई किराए बढ़ने वाले हैं?

हां, आईएटीए (IATA) और विमानन विश्लेषकों के अनुसार, ईंधन की ऊंची कीमतों और कम सीटों की उपलब्धता के चलते इस सीजन में टिकट की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं।

एमिरेट्स और एयर इंडिया की उड़ानों पर क्या असर पड़ा है?

एमिरेट्स ने जून 2026 के शेड्यूल में 16% तक की कटौती की है, जबकि एयर इंडिया जून से अगस्त 2026 के बीच अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 27% और घरेलू उड़ानों में 22% की कमी कर रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.