UAE और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते अब एक नए स्तर पर पहुंच गए हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और अब यह लगातार दूसरे साल 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। इस साझेदारी से न केवल सामानों का लेन-देन बढ़ा है बल्कि निवेश और नए समझौतों की भी लंबी लिस्ट तैयार हुई है।

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UAE और भारत के व्यापारिक आंकड़े क्या कहते हैं?

वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 101.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया। सबसे अच्छी बात यह है कि अब व्यापार में केवल तेल का दबदबा नहीं रहा, बल्कि गैर-तेल व्यापार कुल व्यापार का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बन चुका है। भारत और UAE ने अब साल 2032 तक इस व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है।

विवरण आंकड़ा (FY 2025-26)
कुल द्विपक्षीय व्यापार 101.25 अरब डॉलर
भारत का UAE को निर्यात 37.36 अरब डॉलर
UAE से भारत का आयात 63.89 अरब डॉलर
व्यापार घाटा (भारत के लिए) 26.53 अरब डॉलर
UAE से भारत में FDI (अप्रैल-दिसंबर) 2.45 अरब डॉलर
नया निवेश वादा 5 अरब डॉलर
कुल व्यापार वृद्धि (CEPA के बाद) 37%

PM मोदी की UAE यात्रा और बड़े समझौते

15 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UAE का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान भारत के बुनियादी ढांचे और वित्तीय संस्थानों के लिए करीब 5 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया गया। इसके अलावा सात महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए जो दोनों देशों के भविष्य के लिए अहम हैं।

  • पेट्रोलियम और गैस: भारत में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में UAE की भागीदारी बढ़ेगी और रणनीतिक गैस भंडार भी बनाए जाएंगे।
  • रक्षा क्षेत्र: औद्योगिक सहयोग और तकनीक के आदान-प्रदान के लिए एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी का ढांचा तैयार किया गया।
  • शिपिंग: गुजरात के वाडिनार में जहाजों की मरम्मत के लिए एक बड़ा क्लस्टर विकसित किया जाएगा।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): G42 और CDAC मिलकर ‘कंडोर गैलेक्सी इंडिया’ नाम का एक बड़ा AI क्लस्टर बनाएंगे।
  • वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर: MAITRI प्लेटफॉर्म पर वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर शुरू किया गया है जिससे सामान भेजने में लगने वाला समय कम होगा।

भविष्य की तैयारी और नए अवसर

भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यह समझौता भारतीय सामानों के लिए अफ्रीका, खाड़ी देशों, मध्य पूर्व और यूरोप के बाजारों तक पहुंचने का एक बड़ा रास्ता है। वहीं UAE के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़यौदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद गैर-तेल व्यापार में 17% की बढ़ोतरी हुई है। अब दोनों देश एयरोस्पेस, फिनटेक और डीप टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। साथ ही, भारतीय स्टार्टअप्स को UAE के बाजार में आसानी से जगह दिलाने के लिए विशेष पहल की जा रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

CEPA क्या है और यह कब लागू हुआ?

CEPA भारत और UAE के बीच एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता है। इसे 18 फरवरी 2022 को साइन किया गया था और 1 मई 2022 से यह पूरी तरह लागू हो गया।

2032 तक दोनों देशों का क्या लक्ष्य है?

भारत और UAE ने आपसी सहयोग और व्यापार को बढ़ाते हुए साल 2032 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है।