UAE और भारत के बीच बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए एक नई स्ट्रैटेजिक रिपोर्ट जारी की गई है। Dubai में आयोजित एक खास डिनर इवेंट में UAE के विदेश व्यापार मंत्री Dr. Thani bin Ahmed Al Zeyoudi और भारतीय राजदूत Dr. Deepak Mittal ने इस रिपोर्ट को लॉन्च किया। इस रिपोर्ट का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच रिटेल और कंज्यूमर सेक्टर में ग्रोथ के नए रास्ते खोलना है।

भारत और UAE के व्यापार में क्या नए मौके मिल रहे हैं?

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत का रिटेल मार्केट साल 2030 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा का हो सकता है। UAE इस मार्केट के लिए एक प्रीमियम हब और लैब की तरह काम कर सकता है। दोनों देशों ने मिलकर अपने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

विवरण डेटा/जानकारी
पिछले साल का नॉन-ऑयल ट्रेड 76 बिलियन डॉलर से ज़्यादा
व्यापार में बढ़त 17 प्रतिशत
2032 तक व्यापार का लक्ष्य 200 बिलियन डॉलर
भारत का रिटेल मार्केट (2030 तक) 1.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक

बिज़नेस बढ़ाने के लिए रिपोर्ट में क्या सलाह दी गई है?

Arthur D. Little और UAE India Business Council (UIBC-UC) ने बिज़नेस चलाने वालों के लिए कुछ ज़रूरी सुझाव दिए हैं, ताकि वे दोनों बाज़ारों में सफल हो सकें:

  • भारतीय बाज़ार को समझें: भारत को एक बड़े बाज़ार के बजाय कई छोटे-छोटे माइक्रो-मार्केट्स के रूप में देखें।
  • UAE का इस्तेमाल करें: UAE को एक प्रीमियम रिटेल लैब की तरह इस्तेमाल करें जहाँ नए ब्रांड्स को टेस्ट किया जा सके।
  • लोकल बदलाव: केवल प्रोडक्ट ही नहीं, बल्कि उसकी कीमत, ब्रांडिंग और ग्राहकों से बात करने के तरीके को भी स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से बदलें।
  • पार्टनरशिप पर ज़ोर: बिज़नेस को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए स्थानीय पार्टनर बनाना बहुत ज़रूरी है।
  • सप्लाई चेन में बदलाव: सामान की सप्लाई के लिए ऐसे मॉडल अपनाएं जो तेज़ हों और जिनमें लचीलापन हो।

इस पूरी प्रक्रिया में Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) एक मज़बूत कानूनी और नीतिगत ढांचे के रूप में काम कर रहा है। UAE के मंत्री ने बताया कि सप्लाई चेन को स्थिर रखना बहुत ज़रूरी है ताकि क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बीच व्यापार प्रभावित न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UIBC-UC क्या है और इसका क्या काम है?

UIBC-UC का मतलब UAE India Business Council – UAE Chapter है। इसे 18 फरवरी 2023 को शुरू किया गया था और यह भारत और UAE के बीच निवेश, इनोवेशन और व्यापारिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए एक पुल की तरह काम करता है।

CEPA क्या है और इससे व्यापार को क्या फायदा हुआ?

CEPA एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता है जिसे 2022 में साइन किया गया था। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच टैक्स और रेगुलेशन आसान हुए हैं, जिससे नॉन-ऑयल ट्रेड में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।