UAE New Rules: भारत से घरेलू कामगारों को यूएई लाने के बदले नियम, जानिए पूरी प्रक्रिया और जरूरी बातें.

यदि आप संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में रहते हैं और अपने देश यानी भारत से किसी घरेलू कामगार, हाउस हेल्प या मेड को सीधे अपने घर पर काम करने के लिए बुलाना चाहते हैं, तो आपके लिए यह जरूरी खबर है। UAE और भारत के नियमों के तहत अब इस पूरी प्रक्रिया को थोड़ा सख्त और व्यवस्थित बना दिया गया है। 23 अगस्त 2026 को जारी किए गए एक कानूनी विवरण के मुताबिक, अब केवल यूएई का वर्क परमिट ले लेना ही काफी नहीं है, बल्कि भारत सरकार के नियमों और एमिग्रेट सिस्टम का भी पूरा पालन करना होगा। इस प्रक्रिया में दोनों देशों के नियमों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है ताकि बाद में किसी भी कानूनी या वित्तीय परेशानी से बचा जा सके।
पासपोर्ट कैटेगरी और उम्र का नियम
भारत से किसी भी महिला कामगार को यूएई लाने से पहले उनके पासपोर्ट की कैटेगरी को अच्छी तरह से जांच लेना चाहिए। जिन भारतीय नागरिकों के पासपोर्ट पर ECR यानी Emigration Check Required की मुहर लगी होती है, उन्हें विदेश जाने के लिए भारत के प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स से औपचारिक अनुमति लेनी पड़ती है। मौजूदा नियमों के अनुसार, 30 साल से कम उम्र की ऐसी महिला घरेलू कामगार जिनके पास ECR पासपोर्ट है, वे ईसीआर देशों में नौकरी के लिए एमिग्रेशन क्लियरेंस पाने की पात्र नहीं हैं। हालांकि, यह नियम ECNR पासपोर्ट धारकों पर लागू नहीं होता है। इसलिए नियुक्तियों से पहले वर्कर की उम्र और पासपोर्ट के प्रकार की जांच करना अनिवार्य है।
eMigrate सिस्टम और अनुबंध से जुड़े नियम
ECR कैटेगरी वाले कामगारों के लिए भारत सरकार के आधिकारिक eMigrate सिस्टम का उपयोग करना जरूरी होता है। हाउसमेड और अकुशल कामगारों के लिए बनाए जाने वाले रोजगार अनुबंधों पर संबंधित भारतीय मिशन या पोस्ट द्वारा मोहर लगवाना भी आवश्यक हो सकता है। एमिग्रेशन क्लियरेंस के लिए वैध वीजा, पासपोर्ट और Pravasi Bharatiya Bima Yojana जैसी कल्याणकारी योजनाओं में शामिल होना मुख्य आवश्यकताओं में शामिल है। यूएई में घरेलू कामगारों की नौकरी से जुड़े मामले मुख्य रूप से फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 9 of 2022 के तहत चलाए जाते हैं।
MOHRE-approved अनुबंध और कानूनी शर्तें
नियोक्ता यानी काम पर रखने वाले व्यक्ति को MOHRE द्वारा अनुमोदित मानक रोजगार अनुबंध प्राप्त करना होगा। इस अनुबंध में काम करने की जगह, सैलरी, अनुबंध की अवधि, छुट्टी, आराम के समय और मेडिकल सुविधाओं जैसी जरूरी बातें साफ-साफ लिखी होती हैं। नियम के मुताबिक, काम देने वाले की यह कानूनी जिम्मेदारी होती है कि वह कामगार को रहने के लिए अच्छी जगह, खाना और सुरक्षित माहौल दे। कामगारों के पास पूरा अधिकार होता है कि वे अपने पहचान पत्र जैसे कि अपना पासपोर्ट और Emirates ID अपने पास खुद रखें। उन्हें बिना अनुमति के अनुबंध में तय काम के अलावा दूसरा काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।
दुबई में आवेदन के दौरान जरूरी दस्तावेज
दुबई में रहने वाले नियोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया के दौरान कई तरह के दस्तावेजों की एक लंबी सूची जमा करनी पड़ सकती है। इनमें पासपोर्ट, रेजिडेंस वीजा, एमिरेट्स आईडी, मैरिज सर्टिफिकेट, एइजारी यानी टेनेंसी कॉन्ट्रैक्ट, बिजली-पानी का बिल और सैलरी सर्टिफिकेट शामिल हैं। इसके अलावा जो लोग अपना बिजनेस चलाते हैं, उन्हें अपना ट्रेड लाइसेंस भी देना पड़ सकता है। अधिकारियों की तरफ से यह सलाह दी जाती है कि किसी भी तरह के धोखे या कानूनी जोखिम से बचने के लिए हमेशा रजिस्टर्ड घरेलू कामगार सेवा केंद्रों और MOHRE के अधिकृत माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।
यूएई पहुंचने के बाद की प्रक्रिया
जब MOHRE का ऑफर लेटर और यूएई का एंट्री परमिट मिल जाता है, तब कामगार को भारत की तरफ से एमिग्रेशन से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को पूरा करना होता है। इसके बाद जब वर्कर यूएई पहुंच जाता है, तो नियोक्ता की जिम्मेदारी शुरू होती है। यूएई पहुंचने के बाद मेडिकल फिटनेस टेस्ट करवाना, हेल्थ इंश्योरेंस लेना और एमिरेट्स आईडी तथा रेजिडेंसी से जुड़े कागजात को फाइनल करना जरूरी होता है। कुछ मामलों में यूएई पहुंचने के बाद भारतीय कंसुलेट या अधिकृत सेवा केंद्रों के जरिए भी रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ सकता है। इन सभी नियमों की पूरी जानकारी के लिए आप Gulfhindi.com पर विजिट कर सकते हैं।