गर्मियों की छुट्टियों में भारत जाने वाले प्रवासियों की जेब पर भारी बोझ पड़ा है। दुबई से भारत की फ्लाइट्स के दाम इतने बढ़ गए हैं कि आखिरी समय में टिकट बुक करने वाले परिवारों को भारी रकम चुकानी पड़ रही है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया शांति समझौते के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि हवाई किराए में जल्द कमी आएगी।

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हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी

ट्रैवल ऑपरेटरों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में हवाई किराए सामान्य सीजन के मुकाबले 30 से 35 प्रतिशत तक बढ़ गए थे। कई रूट्स पर एक तरफ का टिकट 1,300 से 1,800 दिरहम के बीच था, जबकि कुछ मामलों में यह 3,000 दिरहम के पार चला गया था। दिल्ली और कोच्चि जैसे शहरों के लिए टिकट की कीमतें काफी ज्यादा रहीं।

रूट और समय किराया (दिरहम में)
दुबई से नई दिल्ली (पीक सीजन) 2,293
दुबई से नई दिल्ली (ऑफ-पीक) 800
कोच्चि रिटर्न टिकट (1 मई 2026) 4,114
वन-वे टिकट (सामान्य रूट) 1,300 – 1,800
वन-वे टिकट (मार्च 2026) 3,000 से अधिक

महंगाई की मुख्य वजहें

विमानन विशेषज्ञों और पायलटों के मुताबिक, इस महंगाई के पीछे कई बड़े कारण रहे। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव की वजह से हवाई क्षेत्र (airspace) बंद करना पड़ा, जिससे फ्लाइट्स को लंबे रास्तों से जाना पड़ा। इससे ईंधन का खर्च बढ़ गया और यात्रा का समय भी ज्यादा लगा। जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों ने भी किराए को ऊपर धकेला, क्योंकि एयरलाइंस के कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केवल ईंधन पर खर्च होता है। इसके अलावा, युद्ध के जोखिम के कारण लिए गए इंश्योरेंस ने भी कीमतों को बढ़ा दिया।

फ्लाइट प्रतिबंध और एयरलाइंस की सलाह

अप्रैल और मई 2026 के दौरान दुबई ने विदेशी एयरलाइंस पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिससे एयर इंडिया और इंडिगो जैसी कंपनियों को अपनी फ्लाइट्स चलाने में दिक्कत आई। एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की थी कि अगस्त 2026 तक समय सारणी में बदलाव हो सकते हैं। वहीं, Emirates ने 11 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच यात्रियों की भारी भीड़ की आशंका जताई है, क्योंकि इस दौरान एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट है। एयरलाइन ने यात्रियों को फ्लाइट से 4 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुँचने की सलाह दी है।

प्रवासियों के लिए जरूरी नियम

भारत से यूएई आने वाले यात्रियों के लिए ई-वीज़ा का प्रिंटआउट साथ रखना अनिवार्य है। इसमें रेजिडेंट, एम्प्लॉयमेंट और विजिट वीज़ा धारक सभी शामिल हैं। भारतीय नागरिकों के लिए दुबई और रास अल खैमाह में वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा भी उपलब्ध है, बशर्ते उनके पास अमेरिका का विजिटर वीज़ा, ग्रीन कार्ड या यूके/यूई का रेजिडेंट वीज़ा हो।