अबू धाबी में 11 अप्रैल 2026 को यूएई के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर शेख अब्दुल्ला बिन जायद और भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर की एक अहम मुलाकात हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान की तरफ से किए गए मिसाइल हमलों के बाद सुरक्षा हालात की समीक्षा करना था। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना और आम लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है।

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सुरक्षा और व्यापार को लेकर क्या चर्चा हुई?

इस मीटिंग के दौरान यूएई की सीमा और वहां रहने वाले निवासियों की सुरक्षा के लिए तुरंत उठाए जाने वाले कदमों पर बातचीत हुई। दोनों मंत्रियों ने समुद्री रास्तों और तेल की सप्लाई की कमजोरियों की जांच की क्योंकि ये वैश्विक व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। नेविगेशन को सुरक्षित करने और सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों को कम करने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने पर सहमति बनी। भारत ने यूएई के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई और सुरक्षा उपायों के लिए कूटनीतिक और व्यावहारिक मदद की पेशकश की।

भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर क्या अपडेट है?

डॉ एस जयशंकर ने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएई सरकार के प्रयासों की तारीफ की। यह चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि 3 अप्रैल 2026 को अबू धाबी के अजबन इलाके में मिसाइल इंटरसेप्शन के मलबे की वजह से 5 भारतीय नागरिकों सहित 12 लोग घायल हो गए थे। दोनों देशों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान और नियमित बातचीत को बढ़ाने का फैसला किया है।

ईरान के हमलों और डिफेंस सिस्टम का क्या डेटा है?

यूएई ने फरवरी 2026 से अब तक ईरान की तरफ से किए गए कई हमलों को नाकाम किया है। 9 अप्रैल 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने बड़ी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।

मिसाइल/ड्रोन का प्रकार कुल इंटरसेप्ट किए गए
बैलिस्टिक मिसाइल 537
क्रूज मिसाइल 26
ड्रोन 2,256
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.