UAE और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई देने के लिए एक खास रिपोर्ट जारी की गई है। यह रिपोर्ट रिटेल और कंज्यूमर सेक्टर में तरक्की के नए रास्तों के बारे में बताती है। दुबई में आयोजित एक कार्यक्रम में UAE और भारत के बड़े अधिकारियों ने इसे लॉन्च किया, जिससे दोनों देशों के बीच बिजनेस करने के नए तरीके सामने आएंगे।

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भारत और UAE के रिटेल मार्केट में क्या बदलाव आएंगे?

UAE India Business Council (UIBC-UC) और Arthur D. Little (ADL) ने मिलकर “The India–UAE Corridor: From Access to Advantage” नाम की एक रणनीतिक रिपोर्ट पेश की है। इसे UAE के विदेश व्यापार मंत्री H.E. Dr. Thani bin Ahmed Al Zeyoudi, भारतीय राजदूत H.E. Dr. Deepak Mittal और भारतीय महावाणिज्य दूतावास के H.E. Satish Kumar Sivan ने लॉन्च किया।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अब दोनों देश सिर्फ सामान का लेन-देन नहीं करेंगे, बल्कि एक साथ मिलकर एक आधुनिक रिटेल इकोसिस्टम बनाएंगे। इसमें Sharaf Group, Landmark Group और Tata Consumer Products जैसी बड़ी कंपनियों के अनुभव शामिल किए गए हैं। यह बदलाव डिजिटल तकनीक और सप्लाई चेन में सुधार की वजह से संभव हो पा रहा है।

व्यापार और कमाई के नए आंकड़े क्या कहते हैं?

UAE और भारत के बीच व्यापार बहुत तेजी से बढ़ा है। 100 अरब डॉलर का पुराना लक्ष्य समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है। अब दोनों देशों ने व्यापार को और आगे ले जाने के लिए नया लक्ष्य तय किया है।

विवरण आंकड़े/जानकारी
2025 की पहली छमाही का गैर-तेल व्यापार 37.6 अरब डॉलर
2025 (H1) की बढ़त 33.9% (पिछले साल के मुकाबले)
साल 2024 का कुल गैर-तेल व्यापार 65 अरब डॉलर
2024 की कुल बढ़त 19.7%
नया व्यापार लक्ष्य 200 अरब डॉलर
लक्ष्य पूरा करने का साल 2032 तक
भारत का अनुमानित रिटेल मार्केट (2030) 1.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक

आम व्यापारियों और प्रवासियों के लिए इसका क्या मतलब है?

मई 2022 में लागू हुआ Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) इस पूरी ग्रोथ का मुख्य आधार है। इस समझौते ने बिजनेस करने के नियमों को आसान बनाया है। भारत का रिटेल बाजार तेजी से बढ़ रहा है, वहीं UAE नए ब्रांड्स के लिए एक ग्लोबल शोरूम की तरह काम कर रहा है।

उन भारतीयों के लिए यह एक बड़ा मौका है जो यहाँ बिजनेस करते हैं या रिटेल सेक्टर में काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जो कंपनियां स्थानीय बाजार के हिसाब से खुद को ढालेंगी और मजबूत पार्टनरशिप करेंगी, उन्हें भविष्य में ज्यादा फायदा मिलेगा। इससे आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत और UAE के बीच व्यापार का नया लक्ष्य क्या है?

दोनों देशों ने अपने व्यापारिक लक्ष्य को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर कर दिया है, जिसे 2032 तक हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

रिटेल सेक्टर में तरक्की के लिए कौन सा समझौता जरूरी रहा?

मई 2022 में लागू हुआ CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) समझौता इस आर्थिक मजबूती और व्यापार वृद्धि का मुख्य आधार रहा है।