यूएई से भारत लौटे एक भारतीय जोड़े को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस घटना के बाद से प्रवासियों के बीच चिंता है। यूएई सरकार इन दिनों वीज़ा नियमों और सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली जानकारियों को लेकर बहुत सख्त रुख अपना रही है।

UAE में भारतीयों के साथ हाल ही में क्या-क्या हुआ?

  • वीज़ा धोखाधड़ी: 13 अप्रैल 2026 को दो भारतीय युवकों से दुबई भेजने के नाम पर 1.73 लाख रुपये ठगे गए। उन्हें फर्जी वीज़ा और टिकट दिए गए जिससे उन्हें एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा।
  • फर्जी वीडियो मामला: मार्च 2026 में इजरायल-ईरान संघर्ष से जुड़े भ्रामक वीडियो फैलाने के आरोप में 19 भारतीयों समेत 35 लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया।
  • अपराधियों की गिरफ्तारी: 28 मार्च 2026 को बलात्कार का एक आरोपी भारत लौटते ही हवाई अड्डे पर पकड़ा गया जो डेढ़ साल पहले यूएई भागा था।
  • कानूनी मदद: फरवरी 2026 में केरल की एक महिला वीज़ा अवधि खत्म होने के कारण हिरासत में थी जिसे कानूनी मदद के बाद घर भेजा गया।

सोशल मीडिया और वीज़ा नियमों को लेकर क्या है UAE का कानून?

यूएई के कानून के मुताबिक सोशल मीडिया पर कोई भी भ्रामक या फर्जी जानकारी फैलाना भारी पड़ सकता है। ऐसा करने पर कम से कम एक साल की जेल और 100,000 दिरहम (लगभग 22 लाख रुपये) से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा सकता है।

यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने साफ कहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की कड़ी निगरानी हो रही है। सरकार का मकसद अफवाहों को रोकना और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना है। खाड़ी देशों ने अपने नागरिकों और प्रवासियों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी हमले का वीडियो न बनाएं और न ही उसे सोशल मीडिया पर शेयर करें क्योंकि यह कानूनी अपराध है।