खाड़ी क्षेत्र में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच दुबई में रह रहे भारतीय प्रवासियों ने वापस लौटने से मना कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ज़्यादातर श्रमिक अपनी जान की सुरक्षा से ज़्यादा अपनी नौकरी की सुरक्षा को महत्व दे रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर वे इस समय भारत वापस लौटे, तो वे अपनी वर्तमान नौकरी और वित्तीय लाभ खो सकते हैं, जो भारत में उनके परिवारों के लिए बहुत ज़रूरी हैं। भारत सरकार और दूतावास स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं।

भारत सरकार और दूतावास द्वारा की गई मुख्य तैयारी

  • भारत के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की मदद के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है।
  • यूएई में मौजूद भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि किसी भी तरह की घबराहट न फैले।
  • एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने प्रभावित भारतीयों की सहायता के लिए भारत और खाड़ी देशों के बीच 24 अतिरिक्त उड़ानों का इंतज़ाम किया है।
  • भारतीय राजदूत ने पुष्टि की है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है और मलबे से होने वाले मामूली नुकसान को ठीक किया जा रहा है।

प्रवासियों की सुरक्षा और मौजूदा स्थिति पर क्या है अपडेट

27 मार्च 2026 को अबू धाबी में गिरी मिसाइल के मलबे से एक भारतीय नागरिक की जान गई और कई अन्य घायल हुए हैं। इसके बावजूद, दुबई में रहने वाले भारतीयों का मानना है कि वहां का सुरक्षा तंत्र काफी मज़बूत है। सोशल मीडिया पर चल रही गलत अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है क्योंकि दुबई सरकार हर स्थिति पर खुद अलर्ट जारी करती है। कुछ भारतीय प्रवासियों ने तनावपूर्ण माहौल में फंसे पर्यटकों को अपने घरों में आश्रय देकर मानवता की मिसाल भी पेश की है।

खाड़ी संकट से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें और घटनाक्रम

तारीख महत्वपूर्ण घटनाक्रम
27 मार्च 2026 अबू धाबी में मिसाइल मलबे से एक भारतीय की मृत्यु हुई
26 मार्च 2026 एयर इंडिया ने 24 अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा की
23 मार्च 2026 यूएई और भारत के बीच समुद्री सुरक्षा पर उच्च-स्तरीय बैठक हुई
4 मार्च 2026 विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन और विशेष कंट्रोल रूम बनाया
1 मार्च 2026 प्रवासियों ने सोशल मीडिया की गलत खबरों से बचने की सलाह दी