विदेश में फंसे नागरिकों की मदद के लिए भारतीय दूतावास लगातार सक्रियता से काम करता है। ऐसा ही एक बड़ा मामला संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से सामने आया है, जहां ओडिशा की रहने वाली एक भारतीय मां हस्ता महानंदा (Hasta Mahananda) को दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने खोज निकाला है। वह पिछले लगभग पांच सालों से अपने घर वापस नहीं जा पाई थीं और उनका परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर काफी परेशान था। दूतावास की कोशिशों के बाद अब उनकी सुरक्षित वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
कैसे शुरू हुई महिला को खोजने की कार्रवाई?
हस्ता महानंदा के तीन बेटियों और उनके रिश्तेदारों ने अपनी मां की सुरक्षा और उन्हें वापस भारत लाने के लिए ओडिशा उच्च न्यायालय (Odisha High Court) में याचिका दायर की थी। इसके बाद दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास को इस मामले की आधिकारिक जानकारी मिली। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हस्ता महानंदा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने मदद की गुहार लगाई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय दूतावास ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी और यूएई के विदेश मंत्रालय से संपर्क कर उन्हें खोजने में मदद मांगी।
पासपोर्ट नंबर और वीजा रिकॉर्ड से मिली सफलता
दूतावास के अधिकारियों ने महिला के पासपोर्ट नंबर और वीज़ा रिकॉर्ड को ट्रैक किया। इससे उनके स्थानीय स्पॉन्सर का पता चला, जिसने अधिकारियों को कंपनी के मैनेजर से मिलवाया। इसके बाद 12 मई, 2026 को कंपनी के मैनेजर और हस्ता महानंदा ने दुबई में वाणिज्य दूतावास के कार्यालय में अधिकारियों से मुलाकात की। महिला ने अधिकारियों को बताया कि वह सुरक्षित हैं और उनके साथ कोई गलत व्यवहार नहीं हुआ है, लेकिन कंपनी द्वारा उनकी यात्रा की अनुमति न देने के कारण वह लगभग पांच वर्षों से अपने घर नहीं लौट पाई थीं।
दूतावास के कड़े निर्देश के बाद कंपनी पर एक्शन
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कंपनी को तुरंत निर्देश दिए हैं। नियोक्ता को आदेश दिया गया है कि वह हस्ता महानंदा के सभी बकाया वेतन और सेवा समाप्ति के भत्ते (end-of-service dues) का तुरंत भुगतान करे। इसके साथ ही, महिला के ऊपर लगे वीजा ओवरस्टे जुर्माने को भी भरने की जिम्मेदारी नियोक्ता को दी गई है ताकि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस भेजा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हस्ता महानंदा यूएई में कब से रह रही थीं?
हस्ता महानंदा ओडिशा की रहने वाली हैं और वह साल 2022 से यूएई में रह रही थीं और काम कर रही थीं।
महिला के परिजनों ने उनकी तलाश के लिए कहां मदद मांगी थी?
महिला के परिजनों ने उनकी सुरक्षा की चिंता में ओडिशा उच्च न्यायालय (Odisha High Court) का दरवाजा खटखटाया था और मदद की अपील की थी।
दूतावास ने महिला के नियोक्ता को क्या निर्देश दिए हैं?
दूतावास ने कंपनी को महिला का पूरा बकाया वेतन देने, सर्विस खत्म होने का पैसा चुकाने और उनके ऊपर लगे ओवरस्टे जुर्माने को भरने का निर्देश दिया है।
