संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे भारतीय प्रवासियों के लिए पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं। 1 जुलाई 2026 से भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने पासपोर्ट, वीज़ा और अटेस्टेशन सेवाओं की सीधी जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है, जिससे BLS International और SGIVS Global के साथ अनुबंध खत्म हो गए हैं। इन बदलावों के कारण प्रवासियों के बीच पासपोर्ट रिन्यूअल को लेकर चिंता देखी जा रही है।
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नई प्रक्रिया और फीस में बढ़ोतरी
पासपोर्ट रिन्यूअल की फीस अब लगभग 60% बढ़कर Dh450 हो गई है, जो पहले Dh285 थी। इस फीस का भुगतान अब केवल नकद (cash) में करना अनिवार्य है। आवेदन के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल book.passportindiauae.com शुरू किया गया है, जहां हर कार्यदिवस के लिए अपॉइंटमेंट स्लॉट रात 8 बजे खोले जाते हैं।
वॉक-इन सेवाओं पर रोक
अधिकांश वॉक-इन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। दुबई में 12 जुलाई 2026 से वॉक-इन पूरी तरह से बंद है, जबकि अबू धाबी स्थित दूतावास में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक केवल नवजात शिशुओं और इमरजेंसी मामलों के लिए सीमित सुविधा उपलब्ध है। नई आउटसोर्स सेवा प्रदाता कंपनी Alhind Tours and Travels LLC का काम कानूनी विवादों के कारण फिलहाल रुका हुआ है। अधिकारियों ने प्रवासियों को सलाह दी है कि पासपोर्ट की वैधता खत्म होने से काफी पहले ही रिन्यूअल के लिए आवेदन कर दें, क्योंकि UAE में प्रवेश के लिए पासपोर्ट में कम से कम छह महीने की वैधता अनिवार्य है। किसी भी अनधिकृत एजेंट के बहकावे में न आएं और केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें।
