UAE में रहने वाले भारतीयों के लिए पासपोर्ट और वीज़ा बनवाना फिलहाल थोड़ा मुश्किल हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक कानूनी विवाद की वजह से इन सेवाओं में देरी हो रही है। राहत की बात यह है कि अब अबू धाबी दूतावास और दुबई काउंसिल खुद इन कामों को देख रहे हैं ताकि प्रवासियों को ज्यादा परेशानी न हो।

दरअसल, यह पूरा मामला पासपोर्ट सेवाओं के ठेके यानी कॉन्ट्रैक्ट को लेकर है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने BLS International को भविष्य के टेंडरों से दो साल के लिए बाहर कर दिया था। इसके बाद 20 अप्रैल 2026 को अबू धाबी दूतावास ने यह काम Alhind Tours and Travels Private Limited को सौंपा। लेकिन कुछ अन्य कंपनियों ने इस चयन प्रक्रिया को कोर्ट में चुनौती दे दी, जिससे मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ‘यथास्थिति’ यानी status quo बनाए रखने का आदेश दिया है। इस आदेश की वजह से नया सर्विस प्रोवाइडर अपना काम शुरू नहीं कर पाया है। 25 जून 2026 से पुरानी कंपनियां जैसे BLS International और SGIVS Global ने नए आवेदन लेना बंद कर दिया था, जिससे सिस्टम में गड़बड़ी पैदा हुई।

ताज़ा अपडेट के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 से अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में भारतीय काउंसिल ने अपनी जगह से ही लिमिटेड सेवाएं देना शुरू कर दिया है। अब पासपोर्ट, वीज़ा और अटेस्टेशन के लिए आवेदक बिना किसी अपॉइंटमेंट के सीधे दूतावास या काउंसिल जा सकते हैं। यह कदम प्रशासनिक कारणों से उठाया गया है क्योंकि अभी तक दिल्ली हाई कोर्ट से इस मामले में कोई अंतिम फैसला या राहत नहीं मिली है।

इस विवाद का असर करीब 45 लाख भारतीय प्रवासियों पर पड़ रहा है। सरकार की योजना थी कि इंडियन काउंसुलर एप्लीकेशन सेंटर (ICAC) के तहत पूरे UAE में 16 नए सेंटर खोले जाएं, ताकि काम आसान हो सके, लेकिन कानूनी लड़ाई की वजह से यह योजना अभी रुकी हुई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.