यूएई में रहने वाले लाखों भारतीयों के लिए पासपोर्ट और वीज़ा सेवाओं को लेकर कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अब पासपोर्ट नवीनीकरण और वीज़ा के कामों के लिए नया सिस्टम लागू होगा जिससे प्रवासियों को सुविधा मिलेगी. सरकार ने यात्रा को आसान बनाने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए ये नए नियम जारी किए हैं, जिनका असर सीधे तौर पर भारतीय प्रवासियों पर पड़ेगा.
पासपोर्ट और वीज़ा सेवाओं के लिए अब कौन सी कंपनी करेगी काम?
अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने पासपोर्ट और वीज़ा सेवाओं के लिए BLS इंटरनेशनल की जगह अब Al Hind Tours and Travels Private Limited को ठेका दिया है. यह नया सिस्टम 1 जुलाई 2026 से काम करना शुरू करेगा. अलहिंद कंपनी पूरे यूएई में 16 केंद्रों के जरिए अपनी सेवाएं देगी और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी होगी. हर ट्रांजेक्शन के लिए 19 दिरहम शुल्क लगेगा जिसमें फोटो जैसी अतिरिक्त सेवाएं भी शामिल होंगी. इसके अलावा 28 अक्टूबर 2025 से भारतीय नागरिकों को चिप वाले e-Passport जारी किए जाएंगे, हालांकि पुराने पासपोर्ट अपनी वैधता अवधि तक चलते रहेंगे.
वीज़ा ऑन अराइवल और नए वीज़ा विकल्पों में क्या बदलाव हुए?
अब भारतीय पासपोर्ट धारक जिन्हें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया का वैध वीज़ा या रेजिडेंस परमिट मिला है, वे यूएई में Visa on Arrival ले सकेंगे. इसके लिए शुल्क इस प्रकार है:
- 14 दिन के परमिट के लिए 100 दिरहम
- 60 दिन के विकल्प के लिए 250 दिरहम
यात्रियों को ध्यान रखना होगा कि उनके पास तीसरे देश का भौतिक वीज़ा या रेजिडेंस कार्ड होना ज़रूरी है, डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी. इसके साथ ही यूएई ने AI विशेषज्ञ, मनोरंजन, इवेंट और समुद्री पर्यटन जैसे नए वीज़ा शुरू किए हैं. फ्रीलांसरों और निवेशकों के लिए Green Visa और Golden Visa की श्रेणियों को भी बढ़ाया गया है ताकि कुशल पेशेवर यहाँ लंबे समय तक रह सकें.
पासपोर्ट और एंट्री परमिट के लिए क्या नियम बदले हैं?
सितंबर 2025 के आखिरी हफ्ते से यूएई एंट्री परमिट के लिए आवेदन करते समय पासपोर्ट के बाहरी कवर पेज की स्कैन कॉपी देना अनिवार्य होगा. यह नियम पहचान सत्यापन और धोखाधड़ी रोकने के लिए लाया गया है. साथ ही जनवरी 2025 से यह नियम लागू हुआ है कि जिन पासपोर्ट में केवल एक ही नाम है, उन्हें प्रवेश तभी मिलेगा जब पासपोर्ट के दूसरे पेज पर पिता का नाम या उपनाम लिखा हो. हालांकि, जिनके पास वैध रोजगार वीज़ा है या जो राजनयिक पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे हैं, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है.