ईरान और इज़राइल के बीच बढ़े तनाव ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की चिंता बढ़ा दी थी। इस वजह से लाखों लोग वापस भारत लौट आए, लेकिन अब यूएई में भारतीय श्रमिकों की मांग फिर से बढ़ रही है। सरकार ने प्रवासियों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए नए नियम भी लागू किए हैं ताकि काम करने वालों को राहत मिले।

ईरान-इज़राइल तनाव और भारतीयों की घर वापसी

28 फरवरी 2026 से अप्रैल के बीच बड़ी संख्या में भारतीय वापस भारत लौटे। 19 मार्च तक लगभग 2.80 लाख और 20 अप्रैल तक करीब 11.30 लाख यात्री पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों से घर पहुंचे। हवाई यात्रा में रुकावट आने से कई लोग फंस गए थे, जिन्हें भारत सरकार और दूतावासों ने विशेष उड़ानों के जरिए घर पहुंचाया। हालांकि, बहुत से भारतीय अपनी नौकरी और वेतन की वजह से वापस नहीं जाना चाहते थे।

UAE में भारतीय श्रमिकों की मांग और भविष्य

यूएई में इस समय 35 से 43 लाख भारतीय रह रहे हैं, जिनमें से अकेले दुबई में 20 लाख लोग हैं। मई 2023 से अप्रैल 2024 के बीच टेक्नोलॉजी, हेल्थ और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में कुशल भारतीय कामगारों की मांग 25% बढ़ी है। अनुमान है कि 2030 तक यूएई और सऊदी अरब को 15 लाख और नए कर्मचारियों की जरूरत होगी, जिससे हर साल करीब 3 लाख नई नौकरियां मिल सकती हैं।

श्रमिकों के लिए नए नियम और बीमा योजना

30 मार्च 2026 के अपडेट के मुताबिक अब कंपनियों को कर्मचारियों के रहने और खाने की जिम्मेदारी उठानी होगी। इससे हजारों प्रवासी मजदूरों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा मार्च 2024 में दुबई में भारतीय औद्योगिक श्रमिकों के लिए “जीवन सुरक्षा योजना” शुरू की गई, जो मौत के मामले में परिवार को आर्थिक मदद देती है। 2022 के श्रम कानून के तहत अब अधिकतम तीन साल के सीमित कॉन्ट्रैक्ट दिए जा रहे हैं जिन्हें आगे बढ़ाया जा सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.