संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के आसमान में एक बार फिर बड़ी हलचल मची है. ईरान की तरफ से आई 4 क्रूज मिसाइलों ने देश की सुरक्षा को चुनौती दी. UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 3 मिसाइलों को समय रहते रोक लिया, लेकिन एक मिसाइल समुद्र में जा गिरी. इस घटना के बाद देश के कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं.
UAE में मिसाइल हमला और एयर डिफेंस की कार्रवाई
4 मई 2026 को UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से आने वाली 4 क्रूज मिसाइलों का पता लगाया. UAE के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defense) ने पुष्टि की कि 3 मिसाइलों को उनके क्षेत्रीय जलक्षेत्र (territorial waters) के ऊपर ही इंटरसेप्ट कर लिया गया. चौथी मिसाइल समुद्र में गिरी. रक्षा मंत्रालय ने साफ किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जो आवाजें सुनाई दीं, वे असल में हवाई खतरों को रोकने के दौरान हुई थीं. मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें.
फ़ुज़ैरह में ड्रोन हमला और लोकल टेक्नोलॉजी का कमाल
मिसाइलों के साथ-साथ फ़ुज़ैरह के एक पेट्रोलियम इंडस्ट्रियल साइट पर ड्रोन हमला हुआ, जिसकी वजह से वहां आग लग गई. इस तनाव के बीच EDGE Group के चेयरमैन Faisal Al Bannai ने एक अहम जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि 28 फरवरी 2026 से अब तक ईरान से आए 85% ड्रोन को UAE के खुद के बनाए जैमर्स ने नाकाम किया है. उन्होंने जोर दिया कि UAE आने वाले सालों में एयर डिफेंस के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर होने की तैयारी में है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
मिसाइल हमले के बाद UAE सरकार ने क्या सलाह दी है?
UAE के रक्षा मंत्रालय ने जनता से कहा है कि वे केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और सुरक्षा चेतावनी संदेशों का पूरी तरह पालन करें.
ड्रोन हमलों को रोकने में किस कंपनी की तकनीक काम आई?
UAE की EDGE Group द्वारा विकसित स्थानीय जैमर्स ने इस काम में मुख्य भूमिका निभाई, जिन्होंने अब तक ईरान से आए लगभग 85% ड्रोन को नाकाम करने में सफलता पाई है.