UAE के रक्षा मंत्रालय ने 29 मार्च 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान की ओर से दागी गई 16 मिसाइलों और 42 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। फरवरी के आखिर से शुरू हुए इस क्षेत्रीय तनाव के बाद से UAE की सेना और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। हालांकि देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने ज़्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया है, लेकिन मिसाइलों के मलबे गिरने से कुछ जगहों पर नुकसान पहुँचा है। इस संघर्ष में अब तक कई देशों के नागरिकों की जान जा चुकी है, जिससे वहां रह रहे प्रवासियों में चिंता का माहौल है।

UAE में हुए हमलों और जान-माल के नुकसान की जानकारी

UAE रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, देश की सुरक्षा के लिए THAAD और Patriot मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। 29 मार्च को हुए इन हमलों में मुख्य रूप से अबू धाबी के औद्योगिक इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। इस लड़ाई में अब तक हुई मौतों और नुकसान का विवरण नीचे दिया गया है:

विवरण ताज़ा आंकड़े
29 मार्च को रोकी गई मिसाइलें 16 बैलिस्टिक मिसाइलें
29 मार्च को गिराए गए ड्रोन 42 ड्रोन
कुल मौतें (अब तक) 10 (2 जवान और 8 नागरिक)
घायल लोगों की संख्या 178 व्यक्ति
मृतक नागरिकों की नागरिकता भारतीय, पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी, फिलिस्तीनी और मोरक्कन

क्षेत्रीय स्थिति और प्रवासियों पर होने वाला असर

इस तनाव का असर सिर्फ UAE तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी देशों में भी हलचल तेज हो गई है। सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों में भी हमले की खबरें आई हैं। प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए कुछ मुख्य बातें जानना ज़रूरी है:

  • UAE सरकार ने उन ईरानी नागरिकों के रेजिडेंसी वीज़ा रद्द करने शुरू कर दिए हैं जो फिलहाल देश से बाहर हैं।
  • सऊदी अरब के रियाद में भी मिसाइलें दागी गई हैं, जिनमें से कुछ को वहां की सेना ने बीच में ही गिरा दिया।
  • कुवैत के मुबारक़ अल कबीर पोर्ट पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले से संपत्तियों को नुकसान हुआ है।
  • अमेरिका ने सुरक्षा के तौर पर खाड़ी क्षेत्र में 3,500 अतिरिक्त सैनिक भेजने का फैसला किया है।
  • यमन के हुथी विद्रोहियों ने भी 29 मार्च को इज़राइल की ओर मिसाइलें दागकर इस संघर्ष में शामिल होने का ऐलान किया है।

UAE के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा है कि शांति के लिए ईरान को किए गए नुकसान की भरपाई करनी होगी और आगे ऐसे हमले न करने की पक्की गारंटी देनी होगी। मंत्रालय ने सभी नागरिकों और प्रवासियों को भरोसा दिया है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।