यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) की वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान की ओर से दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों और नौ ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया है। यह घटना 27 मार्च 2026 को हुई जब देश पर एक बार फिर बड़ा हवाई हमला किया गया। यूएई के रक्षा मंत्रालय (MOD) ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि वह देश की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस हमले के बाद प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

सुरक्षा के लिए क्या निर्देश जारी किए गए?

रक्षा मंत्रालय ने जनता की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने निवासियों को सलाह दी है कि वे सुरक्षित जगहों पर ही रहें और बाहर जाने से बचें। अगर कहीं पर मिसाइल या ड्रोन का मलबा गिरा हुआ दिखाई दे, तो उसके पास जाने या उसे छूने की कोशिश बिल्कुल न करें। मलबे की फोटो खींचना भी खतरनाक हो सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर रख रही हैं और किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।

अब तक हुए हमलों में क्या हुआ नुकसान?

28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन हमलों में अब तक काफी बड़े पैमाने पर हवाई खतरों को रोका गया है। यूएई की सेना ने सैकड़ों मिसाइलों और हजारों ड्रोनों को मार गिराकर बड़ी तबाही होने से बचा लिया है। इसमें भारत और पाकिस्तान समेत कई देशों के नागरिक प्रभावित हुए हैं।

विवरण कुल संख्या/विवरण
रोकी गई बैलिस्टिक मिसाइलें 378
रोके गए ड्रोन (UAVs) 1,835
शहीद यूएई सुरक्षाकर्मी 2
मृतक विदेशी नागरिक 9 (भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, फिलिस्तीन और मोरक्को)
घायल लोगों की संख्या 171

इन हमलों में यूएई की बुनियादी सुविधाओं और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का हक रखता है। भारत, नेपाल और अन्य देशों से काम करने आए प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.