संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एयर डिफेंस प्रणाली ने शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को ईरान की तरफ से किए गए एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया. रक्षा विभाग ने हवा में ही 18 बैलिस्टिक मिसाइल, 4 क्रूज मिसाइल और 47 ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया. हालांकि हमले के मलबे की चपेट में आने से कुछ इलाकों में नुकसान हुआ है और कई लोगों के घायल होने की खबर है. सरकार ने सभी प्रवासियों और नागरिकों को सुरक्षा नियमों का पालन करने की सख्त सलाह दी है.

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हमले में हुआ नुकसान और घायलों की जानकारी

इस हमले के दौरान सशस्त्र बलों के 2 जवान और सेना के लिए काम करने वाला एक मोरक्कन नागरिक शहीद हो गया. इसके अलावा भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश सहित विभिन्न देशों के 9 अन्य लोगों की भी जान गई है. अजबां क्षेत्र में गिरे मलबे से 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें सात नेपाली और पांच भारतीय नागरिक शामिल हैं. कुल मिलाकर 203 लोग इस हमले में घायल हुए हैं जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है.

अब तक हुए हमलों का पूरा आंकड़ा

28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन हमलों के बाद से यूएई की सेना लगातार खतरों को रोक रही है. हबशान गैस प्लांट के पास मलबा गिरने से आग लगने की घटना भी सामने आई है जिसके बाद वहां का काम फिलहाल रोक दिया गया है. अब तक रोके गए हमलों का डेटा नीचे दिया गया है:

हथियार का प्रकार 3 अप्रैल को रोके गए कुल संख्या (28 फरवरी से)
बैलिस्टिक मिसाइल 18 475
क्रूज मिसाइल 4 23
ड्रोन (UAV) 47 2085

प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देश और बदलाव

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुबई के चर्च, जेबेल अली का हिंदू मंदिर और सिख गुरुद्वारा शुक्रवार से अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं. दुबई मीडिया ऑफिस ने उन खबरों को फर्जी बताया है जिनमें ओरेकल डेटा सेंटर पर हमले का दावा किया गया था. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक घोषणाओं को ही सच मानें. गृह मंत्रालय ने स्थिति सामान्य होने पर ऑल-क्लियर एडवाइजरी जारी करने की बात कही है.