यूएई ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के साथ चल रहे किसी भी सीधे संघर्ष का हिस्सा नहीं है और उसका पूरा ध्यान केवल अपनी सुरक्षा पर है। 3 अप्रैल 2026 को ईरान की ओर से दागे गए कई मिसाइलों और ड्रोनों को यूएई के डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही तबाह कर दिया। इस हमले के मलबे से कुछ लोग घायल हुए हैं और यूएई प्रशासन ने अपनी जनता की सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
हमले में क्या हुआ और कितने लोग घायल हुए?
यूएई के रक्षा मंत्रालय (MoD) ने जानकारी दी है कि ईरान की ओर से 18 बैलिस्टिक मिसाइल, 4 क्रूज मिसाइल और 47 ड्रोन दागे गए थे। यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन सभी को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। इस दौरान अल अजबां (Al Ajban) इलाके में मिसाइलों का मलबा गिरा, जिसकी चपेट में आने से 12 लोग घायल हो गए। घायलों में 5 भारतीय और 7 नेपाली नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार एक नेपाली नागरिक की हालत गंभीर है जबकि बाकी को मामूली चोटें आई हैं।
यूएई की रक्षा प्रणाली और अब तक का डेटा
यूएई के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि वे किसी देश पर हमला करने की योजना नहीं बना रहे हैं। उनका ध्यान अपनी संप्रभुता और बुनियादी ढांचे की रक्षा करने पर है। अब तक हुए हमलों और डिफेंस की जानकारी नीचे दी गई है:
| हथियार का प्रकार | अब तक इंटरसेप्ट किए गए |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल | 475 |
| क्रूज मिसाइल | 23 |
| ड्रोन (UAVs) | 2,085 |
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनकी सेना हर तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालिया हमले के दौरान पूरे देश में मोबाइल अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई थी। अल अजबां के पास स्थित हबशान गैस प्लांट पर भी हमले का मलबा गिरा जिससे वहां आग लग गई, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
क्या यूएई इस युद्ध में शामिल होने जा रहा है?
यूएई के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि वह अमेरिका के साथ मिलकर युद्ध में शामिल होगा। सरकार ने साफ किया है कि Strait of Hormuz वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है और वहां जहाजों की आवाजाही सुरक्षित होनी चाहिए। यूएई ने कूटनीतिक समाधान और संयम बरतने की वकालत की है। यूएई का कहना है कि वह केवल अपनी सुरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल कर रहा है और ईरान के दावों को गुमराह करने वाला बताया है।
