UAE के आसमान में आज हलचल काफी तेज रही क्योंकि ईरान की तरफ से बड़ी संख्या में मिसाइलें और ड्रोन भेजे गए. UAE के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते इन खतरों को पहचान लिया और हवा में ही नष्ट कर दिया. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की बात हुई थी. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत कर दिया गया है.

🗞️: UAE पर ईरान का हमला, अब तक 537 मिसाइल और 2256 ड्रोन को सेना ने किया ढेर, खाड़ी देशों में अलर्ट

हमलों और बचाव से जुड़ी मुख्य बातें

  • ईरान से आए 17 बैलिस्टिक मिसाइलों को UAE के डिफेंस सिस्टम ने सफलता के साथ रोक दिया.
  • 35 मानव रहित ड्रोन (UAVs) भी UAE की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे जिन्हें मार गिराया गया.
  • देश के अलग-अलग हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं जो मिसाइलों के इंटरसेप्शन के कारण पैदा हुई थीं.
  • रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सेना पूरी तरह तैयार है.

सीजफायर के बीच क्यों बढ़ा तनाव?

यह पूरी घटना 8 अप्रैल 2026 की है जो वॉशिंगटन और तेहरान के बीच घोषित दो हफ्ते के युद्धविराम के कुछ घंटों बाद ही शुरू हुई. हालांकि सीजफायर की घोषणा हो चुकी थी लेकिन इसके बावजूद खाड़ी के देशों पर हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. UAE के अलावा Bahrain, Kuwait, Jordan और Qatar जैसे पड़ोसी देश भी इस तनावपूर्ण स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर तैनात हैं.