UAE में 1 मई 2026 को इंटरनेशनल वर्कर्स डे मनाया जाएगा। सरकार इस दिन उन सभी मज़दूरों और कर्मचारियों का सम्मान करेगी जिन्होंने देश की तरक्की में अपना योगदान दिया है। Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) ने इसके लिए खास तैयारी की है ताकि कामगारों को उनकी मेहनत का अहसास कराया जा सके और उन्हें बेहतर माहौल मिल सके।
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नियम तोड़ने वाले मालिकों पर कितना जुर्माना लगेगा?
UAE सरकार ने मज़दूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानूनों को और सख्त कर दिया है। अब अगर कोई कंपनी बिना परमिट के कर्मचारी रखती है या फर्जी नौकरी देती है, तो उस पर 1 लाख से लेकर 10 लाख दिरहम तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही, अगर कोई मालिक बिजनेस बंद करते समय मज़दूरों का पूरा हिसाब नहीं करता है, तो उसे भी भारी जुर्माना भरना होगा। यह जुर्माना इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने मज़दूर इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। अब कर्मचारी अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए नौकरी खत्म होने के बाद 2 साल तक का समय ले सकते हैं, जो पहले केवल 1 साल था।
सैलरी और अधिकारों के लिए क्या नियम हैं?
सभी प्राइवेट कंपनियों के लिए Wage Protection System (WPS) के जरिए सैलरी देना जरूरी है। अगर सैलरी तय तारीख के 15 दिन बाद तक नहीं मिलती है, तो उसे देरी माना जाएगा और कंपनी पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसके अलावा, UAE ने 18 जनवरी 2026 को इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) के जबरन मज़दूरी रोकने वाले प्रोटोकॉल को भी मंजूरी दे दी है। इसका मकसद मानव तस्करी और बंधुआ मज़दूरी जैसी बुराइयों को पूरी तरह खत्म करना और पीड़ितों की मदद करना है।
UAE में मज़दूरों की स्थिति में क्या बदलाव आए?
MoHRE के आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 में लेबर नियमों के उल्लंघन में 13 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि नियमों का पालन करने वाली कंपनियों की संख्या में 34 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। फर्जी अमीरातीकरण (Fake Emiratisation) के मामलों में भी 62 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई है। सरकार अब AI सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है ताकि कंपनियों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सके और मज़दूरों के हक सुरक्षित रहें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबर क्लेम फाइल करने की समय सीमा क्या है?
अब कर्मचारी अपनी नौकरी खत्म होने के बाद 2 साल के भीतर लेबर क्लेम फाइल कर सकते हैं, पहले यह समय सीमा केवल 1 साल थी।
सैलरी भुगतान के लिए UAE में कौन सा सिस्टम लागू है?
UAE में सभी प्राइवेट सेक्टर कंपनियों को Wage Protection System (WPS) के जरिए ही सैलरी देनी होती है ताकि भुगतान में पारदर्शिता रहे।