UAE के दुबई में हुए धमाकों की झूठी खबरें फैलाने के मामले में UAE Public Prosecution ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। 18 जुलाई 2026 को UAE के अटॉर्नी-जनरल Counsellor Dr. Hamad Saif Al Shamsi ने इस बात की पुष्टि की है कि गलत जानकारी को पब्लिश और सर्कुलेट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच के घेरे में न्यूज एजेंसी के कर्मचारी
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए Public Prosecution ने संबंधित रिपोर्टर का बयान दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी अब उस न्यूज एजेंसी के उन सभी लोगों से पूछताछ कर रहे हैं, जिन्होंने इस खबर को तैयार किया, उसे मंजूरी दी और पब्लिश किया। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि खबर जारी करते समय किन नियमों का पालन किया गया और क्या इसमें पेशेवर मानकों की अनदेखी हुई है।
माफी मांगने से नहीं मिलेगी राहत
अटॉर्नी-जनरल ने स्पष्ट कर दिया है कि न्यूज एजेंसी द्वारा खबर वापस लेने और माफी मांग लेने से कानूनी प्रक्रिया नहीं रुकेगी। जांच का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि इस गलत सूचना के लिए कौन जिम्मेदार है और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ क्या एक्शन लिया जा सकता है। यह कदम समाज में गलत जानकारी को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है।
