ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य खाड़ी देशों पर हालिया मिसाइल व ड्रोन हमलों के बाद अबू धाबी ने दुनिया को कड़ा संदेश दिया है। सीनियर डिप्लोमैट अनवर गर्गाश ने कहा कि आतंकवाद और सोची-समझी आक्रामकता यूएई के इरादों को कमजोर नहीं कर सकती। इन हमलों के दौरान अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत हो गई और लगभग 150 लोग घायल हुए हैं। यूएई ने इस संकट के समय अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।

हमलों से कितना हुआ नुकसान और क्या हैं आंकड़े?

ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइलें और ड्रोन दागे जा रहे हैं जिससे जान-माल का नुकसान हुआ है। सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने कई हमलों को नाकाम किया है। पिछले कुछ समय में हुए नुकसान का विवरण नीचे दिया गया है:

विवरण जानकारी
भारतीय नागरिक की मौत 1 (अबू धाबी में मलबा गिरने से)
घायलों की कुल संख्या लगभग 150 (पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी शामिल)
नष्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइलें 253 (अब तक का कुल आंकड़ा)
नष्ट किए गए ड्रोन 1,440 (अब तक का कुल आंकड़ा)
प्रमुख प्रभावित देश यूएई, बहरीन, कतर, कुवैत

यूएई और अमेरिका का अगला कदम क्या होगा?

यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और अमेरिकी प्रशासन के बीच इस मुद्दे पर लगातार बातचीत हो रही है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर खाड़ी देश अमेरिकी सैनिकों को पनाह देते हैं, तो उनके होटलों को निशाना बनाया जा सकता है। वहीं, अमेरिका ईरान के कुछ रणनीतिक द्वीपों पर नियंत्रण करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है। यूएई ने साफ किया है कि उसने शुरुआत में मध्यस्थता की कोशिश की थी, लेकिन अब सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।