UAE पिछले दो महीनों से ईरान के बड़े हमलों का सामना कर रहा है। इस दौरान ईरान ने 1,400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे। UAE सरकार ने बिना तनाव बढ़ाए अपनी सुरक्षा मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। इस स्थिति का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र और वहां रह रहे प्रवासियों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

ईरान के हमलों को रोकने के लिए UAE ने क्या इंतजाम किए?

ईरान के हमलों से बचने के लिए UAE ने कई देशों के साथ मिलकर काम किया। इस सुरक्षा चक्र की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • इजराइल की मदद: इजराइल ने अपनी मशहूर Iron Dome डिफेंस सिस्टम और सैनिकों को UAE में तैनात किया। यह फैसला इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और UAE राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान के बीच सीधी बातचीत के बाद लिया गया।
  • Ukraine के साथ समझौता: UAE ने Ukraine के साथ मिलकर एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम बनाने के लिए लंबे समय का समझौता किया है।
  • अमेरिका की भूमिका: UAE में अमेरिका का Al Dhafra एयर बेस है। UAE ने वाशिंगटन को साफ कह दिया है कि उसके इलाके का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले के लिए नहीं किया जाएगा।
  • UN का साथ: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 अपनाया है, जिसमें इन हमलों की निंदा की गई और उन्हें रोकने की मांग की गई।

UAE सरकार ने ईरान के खिलाफ क्या कड़े कदम उठाए?

ईरानी हमलों के बाद UAE ने कड़े राजनयिक और कानूनी फैसले लिए हैं। सरकार ने तेहरान में अपना दूतावास बंद कर दिया और अपने राजदूत को वापस बुला लिया। अब ईरान के हमलों को आतंकवाद की श्रेणी में रखा गया है।

सरकारी अधिकारियों ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गाश ने इन हमलों को गंभीर, जानबूझकर और सोचे-समझे हमले बताया। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में UAE के प्रतिनिधि जमाल अल मशरख ने कहा कि ईरान के ये हमले अंतरराष्ट्रीय सहयोग को कमजोर करते हैं। उन्होंने साफ किया कि UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत UAE को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com