संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में UAE ने ईरान के हमलों का कड़ा विरोध किया है। जिनेवा में UAE के प्रतिनिधि जमाल अल मुशरख ने साफ कहा कि ये हमले बिना किसी उकसावे के किए जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं। पिछले 17 दिनों से UAE पर लगातार ड्रोन और मिसाइल से हमले हो रहे हैं। आज सुबह सुरक्षा कारणों से UAE ने अपना एयरस्पेस भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया था, जिसे बाद में वापस खोल दिया गया।
मिसाइल हमले में पाकिस्तानी नागरिक की मौत और नुकसान
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने पुष्टि की है कि बनी यास (Bani Yas) इलाके में एक पाकिस्तानी नागरिक की जान चली गई है। यह मौत हवा में नष्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइल के छर्रे गिरने के कारण हुई है। इसके अलावा फुजैराह (Fujairah) के तेल उद्योग क्षेत्र में एक ड्रोन हमले के कारण आग लग गई। सिविल डिफेंस की टीम ने आग पर तुरंत काबू पा लिया और इसमें कोई घायल नहीं हुआ।
UAE के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों के भीतर सेना ने 11 बैलिस्टिक मिसाइलों और 123 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है। सरकार पूरी तरह से नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए काम कर रही है।
फ्लाइट्स और यात्रियों पर क्या हुआ असर?
अगर आप UAE से सफर करने वाले हैं, तो आपको फ्लाइट्स में देरी का सामना करना पड़ सकता है। एयरस्पेस खुलने के बावजूद यूरोप-एशिया रूट की फ्लाइट्स में 90 से 120 मिनट की देरी हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए एमिरेट्स एयरलाइन (Emirates Airline) ने यात्रियों के लिए नया नियम लागू किया है।
- यह नियम 28 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक के टिकटों पर लागू है।
- यात्री बिना किसी पेनल्टी के अपने टिकट का पूरा रिफंड ले सकते हैं।
- फ्लाइट की तारीख में 9 बार तक बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के बदलाव किया जा सकता है।
गल्फ क्षेत्र में समुद्री जहाजों के लिए वॉर-रिस्क इंश्योरेंस प्रीमियम काफी बढ़ गया है। इसके अलावा कुछ सुरक्षित रूट्स से जाने के कारण हवाई किराया भी तीन गुना तक महंगा हो गया है।
UN में UAE का जवाब और सुरक्षा प्रस्ताव
जिनेवा में UAE ने साफ किया कि आम नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन है। UAE ने UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करने की बात कही है।
इससे पहले 11 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पारित किया था। इसमें 135 से ज्यादा देशों ने इन हमलों की निंदा की थी और इसे अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया था।
