UAE और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात ने साफ कर दिया है कि वह युद्ध नहीं चाहता। सरकार अब बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश कर रही है। इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री की गुप्त यात्रा को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने सबको हैरान कर दिया है।

UAE और ईरान विवाद: क्या है सरकार का रुख?

UAE के राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार Anwar Gargash ने 13 मई 2026 को साफ कहा कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए राजनीतिक समाधान और डिप्लोमेसी ही सबसे सही रास्ता है। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में अरब और ईरान के रिश्ते टकराव और झगड़ों पर आधारित नहीं होने चाहिए, क्योंकि दोनों देशों के लोगों के बीच पुराने भौगोलिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। हालांकि, गर्गाश ने यह भी स्पष्ट किया कि UAE अपनी संप्रभुता की रक्षा पूरी मजबूती और दक्षता के साथ करने का हक रखता है, लेकिन शांति उनकी पहली प्राथमिकता है।

इजराइल पीएम की गुप्त यात्रा का सच क्या है?

14 मई 2026 को UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने एक बड़ा बयान जारी किया। मंत्रालय ने उन खबरों का पूरी तरह खंडन किया जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ विवाद के दौरान इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने गुप्त रूप से UAE का दौरा किया था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इजराइल के साथ UAE के संबंध सार्वजनिक हैं और ये ‘अब्राहम एकॉर्ड्स’ (Abraham Accords) के दायरे में चलते हैं। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे बिना पुष्टि के खबरें न चलाएं और प्रोफेशनल तरीके से काम करें।

ईरान की धमकियों पर UAE का कड़ा जवाब

इससे पहले 6 मई 2026 को UAE ने ईरान के विदेश मंत्रालय द्वारा दिए गए बयानों की कड़ी निंदा की थी। UAE ने साफ कर दिया कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी या आरोप को स्वीकार नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय (MoFA) ने जोर देकर कहा कि UAE के अंतरराष्ट्रीय संबंध और रक्षा साझेदारी उसका अपना संप्रभु मामला है और कोई भी दूसरा देश इसे हस्तक्षेप का बहाना नहीं बना सकता। UAE ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी हमले या खतरे से निपटने के लिए उसके पास कानूनी और सैन्य अधिकार मौजूद हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE ने इजराइल पीएम की गुप्त यात्रा के बारे में क्या कहा?

UAE के विदेश मंत्रालय ने 14 मई 2026 को इन खबरों को गलत बताया और कहा कि इजराइल के साथ उनके संबंध सार्वजनिक हैं, न कि गुप्त समझौतों पर आधारित।

अनवर गर्गाश ने ईरान विवाद पर क्या सुझाव दिया?

अनवर गर्गाश ने कहा कि अरब-ईरान संबंधों को टकराव के बजाय राजनीतिक समाधान और डिप्लोमेसी से सुलझाना चाहिए ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.