खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अन्य खाड़ी देशों के साथ मिलकर ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण बनाने के फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इसके साथ ही, हाल के दिनों में यूएई की वायु सेना ने ईरान की तरफ से दागी गईं कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। यूएई सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगी।

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यूएई और खाड़ी देशों ने ईरान के किस फैसले का विरोध किया है?

ईरान ने हाल ही में फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण बनाने का एलान किया था, जिसके तहत वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आने-जाने पर अपना अधिकार जता रहा था। 23 मई 2026 को यूएई, बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब ने एक संयुक्त बयान जारी कर इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है और पड़ोसी देशों की समुद्री सीमा पर जबरन दावा ठोकता है।

इस मामले में इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) की सुरक्षा समिति ने भी यूएई के प्रस्ताव पर सुरक्षित नौवहन को बढ़ावा देने का प्रस्ताव पास किया है। यूएई के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्री सुहैल मोहम्मद अल मजरूई ने इसका स्वागत किया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ईरान के गैर-कानूनी कदमों के खिलाफ स्पष्ट आवाज उठाई है।

क्या यूएई पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं?

हां, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश की वायु सुरक्षा प्रणाली लगातार सक्रिय है और कई हमलों को नाकाम किया गया है। रक्षा क्षेत्र से जुड़े अहम घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

  • 11 मई 2026: यूएई के रक्षा मंत्रालय ने ईरान की तरफ से दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों और तीन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया।
  • 12 मई 2026: यूएई की वायु सेना ने देश की तरफ आ रही कई और बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया।
  • सुरक्षा पर अडिग रुख: यूएई के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा और रक्षा के लिए हर कानूनी और सैन्य विकल्प का इस्तेमाल करेगा।

दूसरी तरफ, ईरान ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है और चेतावनी दी है कि अगर यूएई की धरती से उस पर कोई हमला हुआ, तो वह कड़ी कार्रवाई करेगा।

तनाव का यूएई की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ रहा है?

इस संघर्ष के कारण यूएई के व्यापार और तेल निर्यात पर असर पड़ रहा है, लेकिन देश की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है:

  • निर्यात में गिरावट: ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण यूएई के कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के निर्यात में आधी से ज्यादा की कमी आई है। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र पर भी इसका आंशिक असर पड़ा है।
  • नया पाइपलाइन प्रोजेक्ट: हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने के लिए यूएई दूसरी तेल पाइपलाइन बनाने पर काम कर रहा है, ताकि तेल का निर्यात सुरक्षित तरीके से जारी रखा जा सके।
  • मजबूत आर्थिक स्थिति: निर्यात में कमी के बावजूद, यूएई के पास मौजूद भारी नकदी भंडार की वजह से विदेशी कंपनियों के पलायन या बड़े पैमाने पर नौकरियां जाने जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई ने हमलों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?

यूएई ने अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ एक विशेष समिति बनाई है जो ईरानी हमलों और इससे हुए नुकसान के सबूत जुटा रही है। इसके अलावा राजनयिक स्तर पर भी खाड़ी सहयोगियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।

क्या हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक है?

ईरान के संसद स्पीकर ने इस क्षेत्र में नाकेबंदी की बात कही है और इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। इसके जवाब में यूरोपीय संघ ने समुद्री व्यापार में बाधा डालने वाली ईरानी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.