संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को अमेरिका और इजरायल के साथ खड़े होने की बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है. फरवरी 2026 में ईरान पर हुए हमलों के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है. इसके बाद से ईरान ने यूएई को निशाना बनाते हुए हजारों ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं, जिससे न केवल सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है बल्कि यूएई की मजबूत अर्थव्यवस्था को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है. यूएई के रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा है.

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ईरान ने यूएई पर कितने मिसाइल और ड्रोन दागे?

28 फरवरी, 2026 को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद से यह विवाद बढ़ा है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 11 मई, 2026 तक यूएई को निशाना बनाकर 2,800 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे जा चुके थे. यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 94 से 95 प्रतिशत हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया. मंत्रालय ने बताया कि सेना ने अब तक 551 बैलिस्टिक मिसाइलें, 29 क्रूज मिसाइलें और 2,200 से अधिक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है. इन हमलों के दौरान काम कर रहे तीन भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं, जिसकी भारत ने कड़ी निंदा की है.

हमलों से यूएई की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

ईरान के इन हमलों का सीधा असर यूएई की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. लगातार हो रहे हवाई हमलों के कारण पर्यटन, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और फाइनेंस जैसे मुख्य सेक्टर्स को गहरा धक्का लगा है. प्रमुख आर्थिक नुकसानों की जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है.

प्रभावित क्षेत्र नुकसान का विवरण
स्टॉक मार्केट नुकसान दुबई और अबू धाबी स्टॉक एक्सचेंज के मार्केट कैप से 120 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ
उड़ानों पर असर सुरक्षा कारणों से 18,400 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं
बुनियादी ढांचा दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फुजैराह तेल औद्योगिक क्षेत्र को नुकसान पहुंचा
रोजगार पर असर कंपनियों ने नुकसान को देखते हुए कर्मचारियों की छंटनी और वेतन में कटौती शुरू की

इस अशांति के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. तेल की बढ़ती कीमतों से भारत सहित वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी संकट खड़ा हो गया है.

आधिकारिक बयान और वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया

यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश ने इस पूरे घटनाक्रम को एक खतरनाक मोड़ बताया है. उन्होंने कहा कि यूएई इस युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहता था लेकिन यह स्थिति अचानक पैदा की गई है. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए ईरान को चेतावनी दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, यूएई और कतर से अब्राहम एकॉर्ड पर तुरंत हस्ताक्षर करने का आग्रह किया है. इसी बीच, ईरान ने पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी नामक एक नई एजेंसी बनाई है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूल रही है, जिसे समुद्री कानून के एक्सपर्ट अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन मान रहे हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने यूएई पर अब तक कितने ड्रोन और मिसाइल दागे हैं?

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 के मध्य तक यूएई को निशाना बनाकर 2,800 से अधिक प्रोजेक्टाइल दागे गए, जिनमें से यूएई सेना ने 551 बैलिस्टिक मिसाइलों और 2,200 से अधिक ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया था.

इन हमलों के कारण यूएई के शेयर बाजार को कितना नुकसान हुआ है?

लगातार हवाई हमलों की वजह से दुबई और अबू धाबी स्टॉक एक्सचेंज को भारी झटका लगा है, जिससे दोनों एक्सचेंजों के बाजार पूंजीकरण से 120 अरब डॉलर से अधिक साफ हो गए हैं.

क्या इन हमलों में कोई भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुआ है?

हां, यूएई पर हुए इन हमलों के दौरान वहां काम करने वाले तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए थे, जिस पर भारत सरकार ने चिंता व्यक्त करते हुए हमलों की कड़ी निंदा की है.