UAE ने एक बार फिर ईरान से अपील की है कि वह समुद्र के रास्तों में रुकावट पैदा करना बंद करे। खासकर Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान की धमकियों ने चिंता बढ़ा दी है। UAE सरकार चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन हो ताकि दुनिया भर का व्यापार बिना किसी डर के चलता रहे।

UAE ने UN में ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी?

UAE के Minister of State Khalifa Shaheen AlMarar ने 27 अप्रैल 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz के रास्ते को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। अलमरार ने चेतावनी दी कि अगर इस रास्ते को बंद होने दिया गया, तो यह भविष्य के लिए एक खतरनाक मिसाल बन जाएगा। उन्होंने दुनिया के देशों से मिलकर काम करने की मांग की है ताकि जहाजों का रास्ता सुरक्षित रहे।

Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए कौन से नियम हैं?

समुद्र में जहाजों के आने-जाने के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय नियम बनाए गए हैं, जिन्हें UNCLOS कहा जाता है। इसके आर्टिकल 38 और 44 के तहत जहाजों को बिना किसी रुकावट के रास्ता मिलना चाहिए। इस मामले में कुछ अहम बातें ये हैं:

  • International Maritime Organization (IMO) ने ईरान द्वारा रास्ते रोकने और जहाजों पर हमले की कड़ी निंदा की है।
  • ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान समेत 21 देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान की हरकतों का विरोध किया है।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के Resolution 2817 में कहा गया है कि रास्तों को रोकना अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा है।
  • UN के समुद्री प्रमुख ने साफ किया है कि कोई भी देश कानूनी तौर पर इस रास्ते को बंद नहीं कर सकता।

UAE के अन्य अधिकारियों ने इस पर क्या कहा?

इस मुद्दे पर UAE के कई बड़े अधिकारियों ने अपनी राय रखी है। ADNOC के CEO डॉ. सुल्तान अल जाबेर ने कहा कि रास्ते को शर्तों के साथ खोलना असल में उस पर नियंत्रण करना है। वहीं, UAE राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने बताया कि Strait of Hormuz दुनिया की तेल सप्लाई के लिए सबसे अहम नस है और इसे किसी भी तरह से बंधक नहीं बनाया जा सकता।